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कश्मीरी युवाओं को भटकने से बचा सकती हैं महिला पुलिस अधिकारी : पीएम मोदी

Fri, 04 Sep 2020 07:25 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि महिला पुलिस अधिकारी जम्मू-कश्मीर में बच्चों की माताओं से जुड़ सकती हैं और युवाओं को गलत राह पर जाने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आईपीएस प्रोबेशनरों के 2018 बैच को संबोधित कर रहे थे। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें युवाओं को शुरुआती चरण में ही गलत राह चुनने से रोकने की जरूरत है।

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सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में 2018 बैच के परिवीक्षाधीन आईपीएस अधिकारियों को ऑनलाइन संबोधित करते हुए मोदी ने शुक्रवार को इन अधिकारियों को चेताया भी कि किसी तरह के गलत कृत्य में शामिल न हों। एक महिला परीवीक्षाधीन अधिकारी के सवाल का जवाब देते हुए मोदी ने केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे ‘प्यारे ’ लोग हैं जिनमें नया सीखने की विशेष क्षमता है।

'नवीन प्रौद्योगिकी जितनी मददगार उतनी ही मुसीबत'
उन्होंने कहा, ‘मैं इन लोगों के साथ बहुत जुड़ा हुआ हूं। वे आपके साथ बेहद प्यार से पेश आते हैं... हमें गलत राह पर जाने वालों को रोकना होगा।’ मोदी ने कहा, 'हमारी महिला पुलिस अधिकारी प्रभावी रूप से ऐसा कर सकती हैं। हमारा महिला बल माताओं को शिक्षित करने में और उन बच्चों को वापस लाने में प्रभावी रूप से काम कर सकता है। मुझे विश्वास है कि अगर आप शुरुआती चरण में ही ऐसा करते हैं तो हम अपने बच्चों को गलत रास्तों पर जाने से रोक सकते हैं।'
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प्रधानमंत्री ने प्रभावी पुलिसिंग के लिए कांस्टेबुलरी खुफियातंत्र पर जोर दिया। मोदी ने चेताया कि अपराध का पता लगाने के लिहाज से प्रौद्योगिकी आज के समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है चाहे वह सीसीटीवी तस्वीरें हों या मोबाइल ट्रेसिंग… इससे आपको बड़ी मदद मिलती है। लेकिन, यह प्रौद्योगिकी पुलिस कर्मियों के निलंबन के लिए भी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रौद्योगिकी मददगार है उसी तरह से यह मुसीबत भी बन रही है। 

'सिंघम जैसी फिल्मों से प्रभावित न हों नए पुलिसकर्मी'
उन्होंने नए अधिकारियों को सलाह दी कि 'सिंघम' जैसे फिल्मों से प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मी पहले दिखावा करने में लग जाते हैं और पुलिसिंग के मुख्य पहलू की अनदेखी कर देते हैं। उन्होंने कहा, 'कुछ पुलिसकर्मी जो नई ड्यूटी पर पहुंचते हैं वह ‘सिंघम’ जैसी फिल्मों को देखकर दिखावा चाहते हैं। असमाजिक तत्वों को मेरा नाम सुनकर ही कांपना चाहिए… यह उनके दिल और दिमाग पर छा जाता है और इसकी वजह से जरूरी काम पीछे छूट जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान पुलिस का मानवीय चेहरा नजर आया और सुरक्षाकर्मियों ने सराहनीय काम किया। कोरोना वायरस के समय पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए गाने गाए, गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के दौरान, मानवता ने खाकी वर्दी के जरिए काम किया।

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शुक्रवार को 2018 बैच के आईपीएस अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने  कहा कि वह आश्वस्त हैं कि सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता युवाओं को भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन युवा पुलिस अधिकारियों का मनोबल बढ़ाएगा।

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