उत्तर प्रदेश में महिलाओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए शुरू की गई वुमन पॉवर लाइन 1090 के जरिए जेल भेजे गए अधिकतर लोग 50 साल से अधिक के हैं। आईजी वुमन पॉवर लाइन 1090 नवनीत सिकेरा के मुताबिक अब तक पॉवरलाइन के जरिए जेल भेजे गए कुल 573 लोगों में से 68 फीसदी 50 साल से अधिक उम्र के हैं।
सिकेरा ने बीबीसी को बताया, "हमने अब तक जेल भेजे गए लोगों की डाटा एनेलिसिस की तो पाया कि छेड़खानी और अश्लीलता के मामलों में जेल भेजे गए अधिकतर लोग 50 की उम्र के पार हैं।" इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा, "हमने इन लोगों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण भी करवाया हैं। उम्रदराज अपराधियों में मानसिक बीमारियों के लक्षण भी पाए गए।"
सिकेरा ने कहा, "जब हमारे पास युवाओं की शिकायत आती हैं तो हम टेलीफोन के जरिए उनकी काउंसलिंग करते हैं। ज्यादातर युवा डर जाते हैं और दोबारा छेड़खानी की हरकतें नहीं करते। लेकिन बुजुर्ग अपराधियों की बात अलग है।" इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा, "उम्र का एक पड़ाव पार कर चुके ये लोग सोचते हैं कि लड़कियां शिकायत नहीं करेंगी। इनमें ये धारणा भी है कि पुलिस कार्रवाई भी नहीं करेगी। पुलिस इनकी काउंसलिंग करती है फिर भी ये बाज़ नहीं आते।"