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उत्तर प्रदेशः छेड़खानी करने वाले अधिकतर उम्रदराज

Tue, 19 Jul 2016 06:38 PM IST
बीबीसी
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- फोटो : navniet sharma
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उत्तर प्रदेश में महिलाओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए शुरू की गई वुमन पॉवर लाइन 1090 के जरिए जेल भेजे गए अधिकतर लोग 50 साल से अधिक के हैं। आईजी वुमन पॉवर लाइन 1090 नवनीत सिकेरा के मुताबिक अब तक पॉवरलाइन के जरिए जेल भेजे गए कुल 573 लोगों में से 68 फीसदी 50 साल से अधिक उम्र के हैं।
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सिकेरा ने बीबीसी को बताया, "हमने अब तक जेल भेजे गए लोगों की डाटा एनेलिसिस की तो पाया कि छेड़खानी और अश्लीलता के मामलों में जेल भेजे गए अधिकतर लोग 50 की उम्र के पार हैं।" इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा, "हमने इन लोगों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण भी करवाया हैं। उम्रदराज अपराधियों में मानसिक बीमारियों के लक्षण भी पाए गए।"

सिकेरा ने कहा, "जब हमारे पास युवाओं की शिकायत आती हैं तो हम टेलीफोन के जरिए उनकी काउंसलिंग करते हैं। ज्यादातर युवा डर जाते हैं और दोबारा छेड़खानी की हरकतें नहीं करते। लेकिन बुजुर्ग अपराधियों की बात अलग है।" इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा, "उम्र का एक पड़ाव पार कर चुके ये लोग सोचते हैं कि लड़कियां शिकायत नहीं करेंगी। इनमें ये धारणा भी है कि पुलिस कार्रवाई भी नहीं करेगी। पुलिस इनकी काउंसलिंग करती है फिर भी ये बाज़ नहीं आते।"
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पॉवर लाइन का उद्देश्य अपराधियों को जेल भेजने से ज्यादा अपराधों को रोकना है

एक ताजा मामले में रवि शंकर नाम के एक कंसलटेंसी संचालक व्यक्ति ने नौकरी मांगने आई एक लड़की से छेड़छाड़ की। लड़की की अश्लील तस्वीर लेकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश भी की गई।
लड़की की 1090 पर शिकायत के बाद अभियुक्त को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।

लेकिन पॉवर लाइन का उद्देश्य ऐसे अपराधियों को जेल भेजने से ज्यादा ऐसे अपराधों को रोकना है। सिकेरा कहते हैं, "हम शिकायत करने वाली लड़कियों की पहचान कभी सार्वजनिक नहीं करते हैं। ताजा मामले में अभियुक्त ने लड़की की अश्लील तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट करके उसे मानसिक प्रताड़ना पहुँचाई। हमारा उद्देश्य है कि ऐसी घटनाएं हो ही ना। इसके लिए ऐसे अपराधियों में डर बनाना भी हमारा काम है।"

वे कहते हैं, "आमतौर पर पीड़िताओं छेड़खानी से आजिज आकर शिकायत करती हैं। हम प्रदेश की लडकियों और महिलाओं से गुजारिश करते हैं कि यदि उन्हें अपने साथ कुछ गलत होने का आभास हो तब भी वो शिकायत करें ताकि हम ऐसे अपराधों को होने से ही रोक पाएं।" वुमन पॉवर लाइन उत्तर प्रदेश की महिलाओं की शिकायत दर्ज करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने 2012 में शुरू की थी।
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