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Report: देश के इन राज्यों में कम उम्र में लड़कियों की जाती है शादी, चौंकाने वाले है आंकड़े, जानें वजह

Sat, 22 Oct 2022 01:32 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता/रांची

सार

ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिलता है। इसकी वजह से माता-पिता के सामने उनकी शादी करने का ही विकल्प बचता है।
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marriage demo, shadi, विवाह - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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केंद्र सरकार की एक स्टडी में सामने आया है कि झारखंड और पश्चिम बंगाल में 21 साल से पहले ज्यादातर लड़कियों की शादी कर दी जाती है। साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल  पाता है। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट ने इस डेटा की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए है,क्योंकि यह सर्वेक्षण कोविड महामारी के दौरान किया गया था। पिछले महीने प्रकाशित हुई स्टडी में पाया गया कि झारखंड और पश्चिम बंगाल देश के दो ऐसे राज्य हैं जहां आधी से ज्यादा महिलाओं की शादी 21 साल की उम्र से पहले हो जाती है। पश्चिम बंगाल में  54.9 फीसदी लड़कियों की शादी 21 साल की उम्र से पहले हो जाती है, वहीं झारखंड में यह आंकड़ा 54.6 फीसदी है। देश में यह आंकड़ा
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29.5 फीसदी है।

ग्रामीण क्षेत्रो में महिलाओं को काफी दिक्कतों का करना पड़ता है सामना 
ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिलता है। इसकी वजह से माता-पिता के सामने उनकी शादी करने का ही विकल्प बचता है। कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा, झारखंड में कम उम्र में विवाह के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाया है। 

हर वर्ग में कम उम्र में कर दी जाती है शादी
झारखंड में आदिवासी, हिंदू, अल्पसंख्यक, शिक्षित, अशिक्षित, अमीर या गरीब में कम उम्र में विवाह प्रचलित है। कोलकाता के प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र की प्रोफेसर सुकन्या सरबधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए नौकरी के अवसर न होने की वजह से उनके माता-पिता शादी करने का विकल्प तलाशते हैं। स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर और डीन आलोक के गुप्ता ने कहा, अभी एक वर्ग राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के लाभों से दूर है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन के विभिन्न स्तरों पर संस्थागत विफलताएं स्पष्ट हैं। आजादी के 75 साल बाद भी महिला सशक्तिकरण के प्रति नीतिगत हस्तक्षेप और बाल विवाह रोक कानून, शैक्षणिक संस्थानों में लड़कियों के नामांकन अनुपात में वृद्धि नहीं की गई। 
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बाल विवाह के मामले सामने आने पर उन्हें रुकवाया है
पश्चिम बंगाल महिला आयोग की अध्यक्ष लीना गंगोपाध्याय ने कहा, बाल विवाह के मामले संज्ञान में आने पर उनकी शादी रुकवाई जाती है।  गंगोपाध्याय ने कहा कि कन्याश्री जैसी योजनाओं ने पश्चिम बंगाल की लड़कियों को मजबूती दी हैं। कन्याश्री जैसी योजना ने लड़कियों की स्कूली शिक्षा को प्रोत्साहित करके और 18 वर्ष की आयु तक उनकी शादी देरी करके उनकी स्थिति सुधार किया है। 
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