वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि जनधन योजना के तहत देश में महिला खाताधारकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि 17 नवंबर, 2021 तक देश में प्रधान मंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) खाताधारकों के 43.90 करोड़ लाभार्थी हैं जिसमें 24.42 करोड़ महिला लाभार्थी हैं।
क्या है प्रधानमंत्री जनधन योजना
यह सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी वित्तीय योजना है जिसका उद्देश्य पूरे देश में बैंकिंग पहुंच बढ़ाने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और हर परिवार में कम से कम एक बैंक खाता खुलवाना है। इस योजना के तहत देश के गरीबों का खाता जीरो बैलेंस पर बैंक, पोस्ट ऑफिस और राष्ट्रीयकृत बैंको में खोला जाता है। इस योजना के जरिए गरीब व्यक्ति अपना बैंक खाता आसानी से खुलवा सकता है और इसके जरिए उन्हें कई वित्तीय लाभ मिलते हैं। सरकार ने 15 अगस्त 2014 को पीएमजेडीवाई की घोषणा की थी। योजना को 14 अगस्त 2018 से आगे बढ़ा दिया गया था। पीएमजेडीवाई खातों में कोई न्यूनतम शेष राशि बनाए रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।
एनएफएचएस-5 के सर्वे में भी कहा गया करीब 80 फीसदी महिलाओं के पास हैं बैंक खाते
हाल ही में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के आंकड़ों से भी यह बात सामने आई है कि देश में करीब 80 फीसदी महिलाओं के पास अपना बैंक खाता है। इस सर्वे के मुताबिक महिलाओं के पास मौजूद बैंक खाते में 50 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है। महिलाओं ने बैंक खाते संचालित करने के मामले में 53 प्रतिशत से 79 प्रतिशत तक महत्वपूर्ण प्रगति की है। बैंकरों और शोधकर्ताओं ने बैंक खाते के उपयोग में उछाल का श्रेय पिछले सात सालों से चल रहे पीएम जन धन योजना के तहत खाता खोलो अभियान को दिया, जिससे महिलाएं भी बैंकिंग के दायरे में आ सकीं।