केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है। उन्होंने सदन में कहा कि देश की आधी आबादी इस ऐतिहासिक फैसले का इंतजार कर रही है। पटेल ने कहा कि भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव होगा।
उन्होंने बताया कि 2023 में सभी दलों ने मिलकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' बनाया था। आज भी देश की आधी आबादी इस विधेयक के पारित होने का इंतजार कर रही है। उन्होंने विधायिकाओं में महिलाओं के मौजूदा प्रतिनिधित्व को अपर्याप्त बताया। लोकसभा में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी केवल 14 फीसदी है। राज्यसभा में यह 18 फीसदी है। वहीं, हर राज्य विधानसभा में यह 10 फीसदी से भी कम है। उन्होंने इस निराशाजनक अनुपात में बदलाव का समय बताया।
दक्षिणी राज्यों की चिंता और विपक्ष के आरोप
बहस के दौरान दक्षिणी राज्यों से संबंधित चिंताओं पर भी चर्चा हुई। पटेल ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले दक्षिणी राज्यों को कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने बताया कि हर राज्य में 50 फीसदी सीटें बढ़ाई जाएंगी। इससे किसी भी राज्य में सीटों के अनुसार कोई समस्या नहीं आएगी।
पिछली सरकारों पर निशाना और राजनीतिक लाभ का खंडन
पटेल ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब उनके पास सत्ता थी, तब उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक क्यों नहीं पारित किया। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों का खंडन किया कि केंद्र सरकार राजनीतिक लाभ के लिए यह विशेष सत्र लाई है।