पहली बार किसी भारतीय नागरिक को अंतरिक्ष में जाने का मौका 35 साल पहले मिला था। एयरफोर्स के पायलट कैप्टन राकेश शमौ ने 2 अप्रैल, 1984 को रूस के सोयुज टी-11 अंतरिक्षयान से चंद्रमा को बेहद करीब से देखने का मौका हासिल किया था।
अब भारत 2022 में पहली बार अपने अंतरिक्षयान से मानव को अंतरिक्ष में भेजने जा रहा है। इस गगनयान अभियान के लिए 3 अंतरिक्षयात्रियों को सशस्त्र सुरक्षा बलों से चुना जाएगा।
भारत ने इस अभियान में सहयोग के लिए रूस और फ्रांस के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया हुआ है। पिछले महीने ही केंद्रीय कैबिनेट ने इस अभियान की तैयारियों को सही गति देने के लिए मास्को में इसरो को तकनीकी संपर्क यूनिट स्थापित करने की अनुमति दी थी।