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Somnath: भगवान सोमनाथ के वस्त्रों से 'लखपति दीदियां' बन रहीं महिलाएं, 'मोदी विजन' ने दी सपनों को नई उड़ान

Thu, 25 Sep 2025 07:20 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोमनाथ महादेव को चढ़ाये जाने वाले वस्त्र और मंदिर ट्रस्ट की ओर से तीर्थयात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे कपड़े यहां रोजगार के नए अवसर बन गए हैं। सोमनाथ मंदिर के आसपास की गांवों की हजारों महिलाएं सोमनाथ महादेव के कपड़े और कुर्ते बनाकर लखपति दीदियां बन रही हैं। 
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सोमनाथ मंदिर में बनने वाले कुर्ते - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान शंकर के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव हिंदू मतावलंबियों की विशेष आस्था का केंद्र है। यहां पूरी दुनिया से हर साल लाखों भक्त सोमनाथ महादेव के दर्शन के लिए आते हैं। हिंदू तीर्थयात्रियों के कारण यह पूरा क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से भी लगातार विकास कर रहा है। सोमनाथ महादेव को चढ़ाये जाने वाले वस्त्र और मंदिर ट्रस्ट की ओर से तीर्थयात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे कपड़े यहां रोजगार के नए अवसर बन गए हैं। सोमनाथ मंदिर के आसपास की गांवों की हजारों महिलाएं सोमनाथ महादेव के कपड़े और कुर्ते बनाकर लखपति दीदियां बन रही हैं। 

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दरअसल, सोमनाथ महादेव के प्रति आस्थावान हिंदू उन्हें विशेष पगड़ी पहनाने को अपना सौभाग्य समझते हैं। धर्मावलंबियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से उन्हें विशेष पगड़ी उपलब्ध कराई जाती है। इसे भगवान को अर्पित किया जाता है। लेकिन इस पगड़ी को बनाने की कला बहुत विशेष है। इस एक पगड़ी को बनाने में 51 साड़ियां लगती हैं। एक दिन में जितने भी भक्त महादेव को पगड़ी अर्पित करना चाहते हैं, सबको बारी-बारी से महादेव को पहनाया जाता है। 

सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि जब पगड़ी महादेव के सिर से उतारी जाती है, उसके बाद इनको बनाने में लगी साड़ियों को सधे हाथों से अलग किया जाता है। इससे रंग-बिरंगे कुर्ते बनाये जाते हैं। बेहद सस्ती दरों पर ये कुर्ते लोगों को उपलब्ध कराए जाते हैं। सोमनाथ के भक्त इस कुर्ते को पहनना अपना सौभाग्य समझते हैं। 
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इन कुर्तों को गुजरात के अलग-अलग इलाकों में आदिवासियों को भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन सक्षम भक्त इसके लिए निर्धारित शुल्क देकर इसे मंदिर से प्राप्त करते हैं। अब पूरी दुनिया से सोमनाथ का कोई भक्त ऑनलाइन भुगतान करके भी यह कुर्ते अपने लिए मंगवा सकता है। 

बदल रही महिलाओं की जिंदगी
जानकारी के अनुसार, सोमनाथ महादेव को पहनाई जाने वाली इन पगड़ियों को बनाने में आसपास की गांवों की सैकड़ों महिलाएं लगातार काम करती हैं। बेहद सामान्य पृष्ठभूमि की महिलाएं अपने जीवन में पहली बार अपने घरों से बाहर निकलकर ट्रस्ट की देखरेख में चलने वाले वस्त्र निर्माण में काम करती हैं और रोजगार हासिल करती हैं। यह इन परिवारों की कमाई का एक बड़ा माध्यम बन गया है। इस कमाई से महिलाएं लखपति दीदियां बन रही हैं जो इस मंदिर की अद्भुत उपलब्धि है। 

मोदी विजन से बदल रही जिंदगी
मंदिर के पदाधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन हैं। यह उनका ही विजन था कि भगवान सोमनाथ महादेव को यहां के आम लोगों की आस्था के साथ-साथ उनके रोजगार से भी जोड़ा जाए। इसी कड़ी में सोमनाथ महादेव के मंदिर पर चढ़ने वाले पगड़ियों को यह रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि अब यह कार्य इस क्षेत्र के हजारों परिवारों की जिंदगी बदलने वाला साबित हो रहा है। 

आस्था के धागे बन रहे आत्मनिर्भरता के वस्त्र
यह पहल पारंपरिक प्रसाद वितरण से एक कदम आगे बढ़कर, उसे रोजगार और सम्मान से जोड़ती है। श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के कौशल को निखारा है। ये महिलाएं अब महादेव को श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए पीतांबर को बड़ी ही कलात्मकता से भव्य वस्त्र प्रसाद के रूप में परिवर्तित कर रही हैं। इन कुर्तों की विशेषता केवल उनका पवित्र मूल ही नहीं, बल्कि उनका आधुनिक डिजाइन भी है। रंग-बिरंगे, डिजाइनर कॉलर और शिव-तत्व से जुड़ी विशेष बैक प्रिंट के साथ तैयार किए गए ये कुर्ते आज के दौर की फैशन ट्रेंड को भी पूरा करते हैं।
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