कांग्रेस नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री द्वारा केंद्र सरकार को घेरने के लिए किए गए एक विवादास्पद ट्वीट पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई और भाजपा ने इस ट्वीट को 'नारी द्वेषी' बताते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग से जीतू पटवारी पर कार्रवाई करने की मांग की है। चारों तरफ से इस ट्वीट की हो रही कड़ी आलोचना के बाद पटवारी ने अपने इस कथित नारी विरोधी ट्वीट को बुधवार देर रात को अपने ट्विटर अकाउंट से हटा दिया और इसे पोस्ट करने के लिए खेद भी व्यक्त किया।
वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने बेटियों के संबंध में ‘महिला विरोधी’ और ‘अपमानजनक’ टिप्पणियां करने को लेकर कांग्रेस नेता एवं मध्यप्रदेश के विधायक जीतू पटवारी से गुरुवार को सफाई मांगी।
पटवारी ने केंद्र में भाजपा सरकार पर निशाना साधने के लिए ट्वीट किया था, 'पुत्र के चक्कर में पांच पुत्री पैदा हो गईं, नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई, बेरोजगारी और मंदी, परंतु अभी तक 'विकास' पैदा नहीं हुआ।'
एनसीपीसीआर ने कहा कि इस ट्वीट ने बेटी की बजाय बेटे को प्राथमिकता देने की सदियों पुरानी गलत सोच का न केवल समर्थन किया, बल्कि इसने बच्चियों के प्रति उनकी मानसिकता और रवैये को भी दर्शाया। इसी सोच के कारण देश में कन्या भ्रूण हत्या की दर बढ़ गई है।
उसने पटवारी को भेजे पत्र में कहा कि एक नेता का किसी पर राजनीतिक निशाना साधने के लिए नैतिकता का उल्लंघन करना और इससे समाज को होने वाले नुकसान को नजरअंदाज करना अनुचित है।
पत्र में कहा गया है, ‘अपने ट्वीट से इस प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी करने का धृष्ट कृत्य बेटियों के अस्तित्व का ही अनादर नहीं करता, अपितु यह हमें दशकों पीछे ले जाता है और लैंगिक समानता एवं बच्चियों के अधिकारों के लिए किए गए अनगिनत संघर्षों एवं बलिदानों पर पानी फेरने का काम करता है।’
आयोग ने कहा, ‘आयोग आपसे अनुरोध करता है कि आप 24 जून को की गई इस प्रकार की टिप्पणी के लिए कृपया माफी मांगें और आयोग को इस संबंध में तीन दिन में जवाब भेजें।’
हालांकि, भाजपा नेताओं व सोशल मीडिया पर अपने ट्वीट पर आपत्ति उठाए जाने के बाद पटवारी ने फिर ट्वीट कर कहा कि बेटियां देवीतुल्य होती हैं।पटवारी ने ट्विटर पर लिखा, 'जहां तक बात बेटियों की है तो वो देवीतुल्य हैं। विकास की अपेक्षा के साथ मैंने एक ट्वीट किया है जिसे भाजपा अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए उपयोग कर रही है। मैं अब भी कह रहा हूं कि विकास का पूरे देश को इंतजार है।