एक महिला के साथ प्रीमियर ट्रेन में शराब के नशे में धुत्त सहयात्री ने छेड़छाड़ की। उसने घटना को लेकर विस्तृत ट्वीट किए जिनके जरिए कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए कोई भी महिला इस तरह की परिस्थिति में मदद ले सकती है। लोगों ने महिला के साहस की तारीफ की है।
2एएम फिलॉसफर नाम की यूजर ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, 'मेरा शताब्दी में यौन शोषण हुआ और यह वह प्रक्रिया है जिसके जरिए आप कानूनी रास्ता अपना सकते हैं।' उनके ट्वीट को अब तक 3,000 से ज्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है और 4,100 से ज्यादा यूजर लाइक कर चुके हैं।
सोशल मीडिया पर बहुत से यूजर महिला को मजबूत महिला, एक सर्वाइवर, एक फाइटर और लीजेंड करार दे रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने उन्हें विस्तारपूर्वक कानूनी प्रक्रिया बताने के लिए धन्यवाद कहा है। महिला ने बताया है कि शोषण होने पर ट्रेन में किससे संपर्क करना चाहिए और क्या कदम उठाने चाहिए।
ट्विटर यूजर ने कहा कि यात्रा टिकट परीक्षक जो ट्रेन में यात्रियों के टिकट की जांच करता है उसके पास एक पुलिस अधिकारी से ज्यादा ताकत होती है। महिला ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि आप तुरंत चीखते और चिल्लाते हुए प्रतिक्रिया दें। जिससे दूसरे यात्रियों को पता चल सके कि आपके साथ क्या हुआ है क्योंकि वे संभावित गवाह होते हैं।
महिला ने कहा कि यह बिल्कुल जरूरी है कि अपने दिमाग पर जोर डालें और कागज के एक टुकड़े पर सब कुछ लिखें। यह आपको आगे न केवल बयान दर्ज कराने में मदद देगा बल्कि एक सबूत के तौर पर भी का करेगा। हर रेलवे स्टेशन पर एक पुलिस स्टेशन होता है इसलिए बिना शिकायत दर्ज कराए आगे न बढ़ें।
उन्होंने आगे बताया कि यदि अधिकारी आपकी एफआईआर दर्ज करने से मना करते हैं तो आपको 100 नंबर पर पुलिस कंट्रोल रुम में या महिला हेल्पलाइन सेवा में फोन करना चाहिए और जीरो एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा पेपरवर्क को सबूत के तौर पर अपने पास रखें।
ट्विटर यूजर ने कहा कि आपसे आरोप वापस लेने के लिए कहा जा सकता है। अपने परिवार और दोस्तों को हर पहलू से अवगत कराएं। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के बारे में जारी मिथकों और गलत धारणाओं को भी साफ किया है और बताया है कि कैसे इसके बारे में जाना जा सकता है।