भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेत्री के. कविता का महिला आरक्षण (Women Reservation) को लेकर एक दिवसीय धरना जंतर-मंतर पर आयोजित हुआ। बीआरएस ने इस प्रदर्शन को सफल बताया है और कहा है कि उसके इस प्रदर्शन को 17 से ज्यादा राजनीतिक दलों का समर्थन हासिल है। माकपा नेता सीताराम येचुरी, आप नेता संजय सिंह और समाजवादी पार्टी नेता सीमा शुक्ला सहित विपक्षी दलों के कई नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। भाजपा ने इस प्रदर्शन को शराब घोटाले से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया है, तो BRS ने कहा है कि तेलंगाना चुनाव के कारण के. कविता को परेशान किया जा रहा है, चुनाव बीतने के बाद ये सारी जांच एजेंसियां चुप हो जाएंगी। पार्टी ने कहा है कि महिलाओं को उसका अधिकार मिले बिना केंद्र का विरोध जारी रहेगा।
बीआरएस नेता के. कविता ने कहा है कि इस देश की आधी आबादी महिलाओं की है, लेकिन अभी तक विभिन्न क्षेत्रों में उनकी हिस्सेदारी पर्याप्त नहीं है। केंद्र सरकार ने इसके लिए महिलाओं से वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद इस मुद्दे को पीछे छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक देश की आधी आबादी को उसका यह अधिकार नहीं दिया जाता, देश का विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण मिले बिना उनका यह विरोध जारी रहेगा।
भाजपा भूली अपना वादा
आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने महिला आरक्षण के हक में एकत्रित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में सत्ता में आने के समय ही भाजपा ने महिलाओं को उनका यह अधिकार देने की बात कही थी। आज भी प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि वे महिलाओं के लिए बहुत काम कर रहे हैं और उन्हें महिलाओं का विशेष समर्थन हासिल है, लेकिन इसके बाद भी प्रधानमंत्री ने अब तक महिलाओं को उनका अधिकार नहीं दिया।
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संजय सिंह ने कहा कि सरकार समाज के किसी भी वर्ग का अधिकार नहीं देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से किसान, युवा और आम आदमी सहित हर वर्ग के लोगों का दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी महिलाओं के अधिकारों के लिए के. कविता के साथ खड़ी है और उसका हर स्तर से समर्थन करेगी।
तेलंगाना से इस प्रदर्शन को समर्थन देने दिल्ली पहुंची टीआर. दिशा ने अमर उजाला से कहा कि देश का हर राजनीतिक दल महिला आरक्षण का समर्थन करता है। भाजपा, कांग्रेस सहित सभी दल इसके समर्थन में समय-समय पर अपना रुख स्पष्ट करते रहे हैं। ऐसे में महिला आरक्षण पास न करने का कोई तुक नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह बिल लाकर अपना इरादा स्पष्ट कर देना चाहिए। इससे दूसरे दलों की स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
भ्रष्टाचार छिपाने की कोशिश होगी नाकाम- भाजपा
भाजपा नेत्री शाजिया इल्मी ने अमर उजाला से कहा कि के. कविता को आज तक महिलाओं के अधिकारों की चिंता नहीं हुई। आज वे महिलाओं के नाम पर धरना-प्रदर्शन कर अपने उस भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही हैं, जिसके तार अब उनके घर तक पहुंचते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले में जिस 'साउथ ग्रुप' का नाम बार-बार आ रहा है और जिसके माध्यम से दिल्ली सरकार के कुछ खास लोगों तक भ्रष्टाचार की रकम पहुंचाई गई, उसके तार सीधे बीआरएस नेता से जुड़ रहे हैं। ऐसे में उन्हें बिना कोई लाग-लपेट किये जांच एजेंसियों के सवालों का जवाब देना चाहिए।
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शाजिया इल्मी ने कहा कि आज कुछ दल महिला आरक्षण के मुद्दे पर बीआरएस को समर्थन देते हुए दिखाई पड़ रहे हैं, लेकिन इन दलों को इस बिल पर स्वयं अपना इतिहास ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं में कुछ दलों के नेताओं ने न केवल महिला आरक्षण का विरोध किया, बल्कि महिलाओं का मजाक भी उड़ाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न माध्यमों से महिलाओं के सशक्तिकरण के कदम उठा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई पड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में महिलाओं के लिए इसी प्रकार की विशेष सहायता वाली योजनाएं जारी रहेंगी जिससे उनके जीवन में स्थायी बदलाव लाया जा सकेगा।