देश के प्रधानमंत्री वीआईपी कल्चर पर लगाम लगाने के लिए बेशक तमाम प्रयास कर रहे हों लेकिन फिलहाल इस पर कोई रोकथाम लगती नहीं दिख रही है। इसका नजारा बुधवार को उस समय भी दिखा जब इम्फाल एयरपोर्ट पर वीवीआईपी आगमन के चलते कुछ फ्लाइट्स का समय परिवर्तित कर दिया गया।
फ्लाइट लेट हुई तो पैसेंजर्स का पारी हाई हो गया और इसका खामियाजा भुगतना पड़ा केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजी अल्फोंस को। एक महिला यात्री ने सबके सामने ही वीवीआईपी कल्चर पर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय मंत्री को खरी खरी सुनाई, महिला का गुस्सा देखकर मंत्रीजी भी कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर पाए।
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हालांकि बाद में मीडिया को दिए बयान में केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने सफाई दी कि एयरपोर्ट पर प्रोटोकॉल सिर्फ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए होता है और किसी के लिए नहीं। वह महिला मुझसे नहीं किसी और पर गुस्सा हो रही थी मेरे साथ उसका व्यवहार सही था।
Apart from Prime Minister & President there is no protocol for any minister. She (woman in video) had to talk to someone, It is fine with me that she vented her anger on me: Union Minister KJ Alphons on Imphal Airport incident pic.twitter.com/XQ6iAypUJo
— ANI (@ANI) November 22, 2017
वाकया इंफाल एयरपोर्ट का है, जहां बुधवार को केंद्रीय मंत्री केजी अल्फोंस को आना था। उनका प्लेन उतरने के कारण कुछ फ्लाइट्स के समय में परिवर्तन किया गया। मंत्रीजी का प्लेन पहुंचा तो एयरपोर्ट पर काफी संख्या में समर्थक उनकी आगवानी करने के लिए पहुंचे। इसी बीच एक महिला यात्री ने 'मंत्रीजी' को देखते ही हंगामा शुरू कर दिया।
उसका कहना था कि वह एक डॉक्टर है और उसे किसी जरूरी काम से पटना जाना था, जहां उसका परिवार उसका इंतजार कर रहा है। महिला के अनुसार उसने परिजनों को अपने पहुंचने की जानकारी भी दे दी थी और वह एयरपोर्ट पर उसका इंतजार कर रहे होंगे, लेकिन वीआईपी शेड्यूल के चलते उसकी फ्लाइट लेट कर दी गई, आखिर ऐसा क्यों किया गया। महिला का सवाल था कि जब उनसे फ्लाइट के लिए मुंहमांगी कीमत वसूली जाती है तो फिर सेवाएं देने में भेदभाव क्यों किया जाता है।
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महिला का गुस्सा देख कुछ लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन उसने बीच में ही सबको डपट दिया। मंत्री अल्फोंस ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन उसने उनकी भी एक नहीं सुनी। नतीजतन 'मंत्रीजी' को भी चुपचाप खड़े होकर महिला की बात सुननी पड़ी। इसके बाद अन्य यात्रियों ने जैसे-तैसे महिला को शांत करने का प्रयास किया।