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महिला मानव तस्करी : करोड़पति विदेशी बुजुर्गों को भा रही हैं 18 साल की भारतीय युवतियां ?

Wed, 29 Aug 2018 12:43 AM IST
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
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women human trafficking
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देश में मानव तस्करी का, विशेषकर महिलाओं को लेकर एक घिनौना रूप सामने आया है। विदेशों में अकेले रहने वाले 60-65 साल के अमीर बुजुर्ग 18-20 साल की भारतीय युवतियों के साथ ब्याह रचा रहे हैं। वे ऐसा ओल्ड एज होम या फिर शेल्टर होम में जाने से बचने के लिए करते हैं।

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चूंकि उन देशों में सामाजिक सुरक्षा को अधिक महत्व दिया जाता है, इसलिए कई सरकारों ने वहां पर यह प्रावधान कर रखा है कि यदि कोई बुजुर्ग जवान लड़की से शादी कर लेता है तो उसे अपने घर में ही रहने की इजाजत दे जाती है।

महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिसा, मिजोरम, असम और पंजाब सहित कई दूसरे राज्यों से युवतियों को मानव तस्करी के जरिए वहां तक पहुंचाया जा रहा है।
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विदेशों में बुजुर्गों के लिए बना नया प्रावधान है फायदेमंद : कृष्णा प्रकाश  
 

मानव तस्करी के इस नए ट्रेंड पर नजर रखने वाले महाराष्ट्र पुलिस के आईजी (पीएडब्लू) कृष्णा प्रकाश का कहना है कि कई देशों में यह देखने को मिल रहा है। कुछ देशों में तो यह परपंरा भी रही है कि वे बुजुर्ग लोग जो अपने घर में अकेले रह रहे हैं, सुरक्षा के चलते उन्हें ओल्ड एज होम में भेजा जाता है। ये लोग उच्च कर दाता होते हैं, लिहाजा सरकार भी इनका खास ध्यान रखती है।

बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो अपना घर छोड़कर कहीं दूसरी जगह पर नहीं जाना चाहते। सरकार द्वारा तैयार किए गए कई ओल्ड एज होम पहले से ही भरे रहते हैं, इसलिए वहां की सरकारों का भी यह प्रयास रहता है कि उनमें कम से कम संख्या में बुजुर्ग आयें। इसके लिए सरकारों ने एक प्रावधान कर दिया है, अगर कोई व्यक्ति जवान महिला से शादी कर लेता है तो उसे ओल्ड एज होम में नहीं जाना पड़ेगा।

आस्ट्रेलिया, मध्य पूर्व के देश, कनाडा और खाड़ी के देश जैसे, बहरीन, कुवैत, कतर, सउदी अरब और यूएई में भी यह प्रचलन है। मानव तस्करी के जरिए भारतीय युवतियों को वहां पहुंचाया जा रहा है।
 

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आस-पड़ोस में बताया जाता है कि लड़की की नौकरी लगी है

जिन राज्यों से ये लडकियां विदेशों में भेजी जा रही हैं, वहां उनके आस-पड़ोस में यह बताया जाता है कि लड़की की नौकरी लगी है। अधिकांश मामलों में यह भी देखने को मिला है कि एजेंट या मानव तस्करी के धंधे में शामिल लोग उन्हें झूठ बोलकर ले जाते हैं। बताया जाता है कि वहां बुजुर्गों की सेवा करनी है।

दूसरे देश में पहुँचने के बाद लड़की को पता लगता है कि उसके साथ धोखा हुआ है। अब वे ऐसे जाल में फँस जाती हैं कि स्वदेश वापसी की सोच ही नहीं पातीं। विदेशों में अगर एक बार शादी हो जाती है तो उसे कानूनी मान्यता मिलती है। ऐसे में लड़की चाहकर भी कुछ नहीं बोल पाती। ऐसी हालत में वहां का कानून भी उसकी मदद नही कर सकता। पीड़िता केवल टॉर्चर आदि की शिकायत ही कर सकती है। अगर वह शादी से मना करती है तो उसे यौन शोषण और दूसरी तमाम तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।

विदेश मंत्रालय की मदद से सुलझाएंगे समस्या- विजया रहाटकर 
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर का कहना है कि हम ऐसे मामलों को विदेश मंत्रालय की मदद से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। केवल शादी ही नहीं, बल्कि दूसरे कई तरीकों से युवतियों को विदेशों में भेजा जा रहा है।

सभी राज्यों के महिला आयोग और गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर हम कुछ ऐसा करने जा रहे हैं कि ये लड़कियाँ हमारे देश से ही उस दलदल में न जायें। कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी हमारे प्रस्तावों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वे अपने अपने राज्यों में मानव तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
 
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पीड़ितों की संख्या लाखों में है, जबकि मामले हजारों में

सरकारी अधिकारियों, एनजीओ और पीड़ितों की मानें तो ऐसे मामलों की संख्या लाखों में है, लेकिन हमारे देश में वह हजारों में ही दिखाई जाती है। साल 2016 में मानव तस्करी के जरिये महिलाओं को वेश्यावृत्ति या यौन शोषण के दूसरे मामलों में धकेलने के महज सात-आठ हजार केस दर्ज हुए थे। दूसरी ओर गैर सरकारी संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों की संख्या लाखों में है। अब दिक्कत यह भी है कि विदेशों में जिन लड़कियों की जबरन शादी करा दी गई है, वे कहाँ और किससे शिकायत करें।
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