तेलंगाना सरकार ने दो पब्लिसिटी एजेंसी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला और उसकी बेटी के राज्य सरकार की दो सरकारी योजनाओं के विज्ञापन में फोटो लगाई है जो कि अखबार में छापा गया है। बावजूद इसके कि दोनों मां बेटी उस योजना से लाभांवित नहीं हैं।
इनमें से एक विज्ञापन में तो महिला और उसकी बेटी का फोटो उसके पति के साथ लगाया है। जिसमें दिखाया गया है कि वह एक खुश लाभार्थी परिवार है। वहीं एक अन्य विज्ञापन में महिला और उसकी बेटी का फोटो एक अन्य आदमी के साथ लगाया गया है। इनमें से एक विज्ञापन है कांति वेलुगु (मुफ्त आंखों की जांच) का और दूसरा है राइथु बीमा (फसल बीमा) योजना का।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि दिसंबर 2013 में महिला और उसके पति और बेटी की फोटो ली गई थी। जो कि माश ऑडियो विजुअल प्राइवेट लिमिटेड को लेकर ली गई थी। इसके बदले में उनके हस्ताक्षर भी लिए गए थे कि उनकी फोटो का इस्तेमाल विज्ञापन में किया जाएगा।
बता दें कि माश ऑडियो विजुअल प्राइवेट लिमिटेड और इमेजबाजार डॉट कॉम का मालिक भी एक ही है। इसके विज्ञापनों में भी एजेंसी की तस्वीरों का इस्तेमाल होता है। मामले पर महिला के पति नागराजू का कहना है कि अपनी पत्नी पदमा और बेटी के साथ किसी अन्य आदमी को देखकर वह शर्मिंदा है।
किसी अन्य आदमी को पदमा के पति के रूप में प्रदर्शित किया गया है। उसने कहा कि वह अपने गांव में एक मजाक बनकर रह गया है। सूचना और जनसंपर्क आयुक्त अरविंद कुमार का कहना है कि दोनों जांच एजेंसी लाइववाइर और टेम्पेस्ट की जांच की जाएगी।