मुंबई में एक बाइक टैक्सी दुर्घटना में महिला ग्राहक की मौत के बाद पुलिस ने उबर इंडिया सिस्टम प्रा. लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ सरकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। शिकायत महाराष्ट्र परिवहन विभाग के मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर रवींद्र गवड़े ने की थी।
एफआईआर में आरोप है कि जिस वाहन से सेवा दी जा रही थी, वह निजी वाहन था, जबकि सरकार की ओर से बाइक टैक्सी सेवा के लिए जारी नियमों के तहत केवल परमिटधारी वाहनों का उपयोग किया जा सकता है।
हादसा 29 नवंबर की सुबह ऐरोली फ्लाईओवर के नीचे हुआ, जब एक सीमेंट मिक्सर ट्रक ने उबर के ‘राइडर पार्टनर’ गणेश विष्णु माधव की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में गणेश घायल हुआ, जबकि उसके पीछे बैठी यात्री शुभांगी मगर्रे की मौत हो गई। इसके बाद आरटीओ ने अलग जांच की और पाया कि गणेश ने उबर प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण के लिए अपने चाचा की एक्टिवा स्कूटर का उपयोग किया था, जबकि यात्रियों को ले जाने के लिए वह अपनी मोटरसाइकिल चला रहा था।
यह भी सामने आया कि एक्टिवा उबर को दिए गए परमिट और मोटर व्हीकल एक्ट, महाराष्ट्र बाइक टैक्सी रूल्स 2025 तथा एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2020 का उल्लंघन करते हुए पंजीकृत की गई थी। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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मुंबई में सिर्फ 100 बाइक टैक्सी ही पंजीकृत
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में केवल 100 बाइक टैक्सी ही औपचारिक रूप से पंजीकृत हैं। परिवहन विभाग के अनुसार, रैपिडो और उबर की 50-50 इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सियां ही नियमों के अनुसार दर्ज हैं। इस बीच, परिवहन श्रमिक संगठन का आरोप है कि नियमों के उल्लंघन पर विभाग कुछ चुनिंदा लोगों पर ही कार्रवाई करता है।