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अधिकारियों ने नहीं की मदद, ग्रामीणों के जज्बे से ऐसे बचा 700 साल पुराना मंदिर

Tue, 01 May 2018 02:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
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कोटा शहर से 70 किमो दूर जोलपा गांव में एक छोटा सा 700 साल पुराना मंदिर है। देख रेख के अभाव में इस मंदिर की हालत काफी खराब हो गई थी। सांगोद-खानपुर मार्ग पर स्थित इस मंदिर को बेहतर बनाने के लिए गांव वालों ने जनप्रतिनियों से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर लगाए। लेकिन फिर भी उनकी तरफ से कभी कोई जवाब नहीं आया।

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ऐसे में गांव वाले मंदिर को कैसे भी करके बचाना चाहते थे। लक्ष्मीनाथ भगवान का यह मंदिर गांव वालों की भावनाओं से जुड़ा है। सभी गांव वालों ने हिम्मत ना हारते हुए सरकारी मदद के बिना ही मंदिर को बचाने की ठान ली। गांव वालों ने इसके लिए एक रास्ता निकाला। उन्होंने पूरे गांव से करीब 11 लाख रुपये का चंदा एकत्रित किया। गांव के अधिकतर किसान सामान्य वर्ग के हैं। ग्रामीणों के ऐसे जज्बे से गैर सरकारी संगठन के ठाकुर रणवीर सिंह इतने खुश हुए कि उन्होंने अपनी तरफ से मंदिर के विकास के लिए 24 लाख रुपये दे दिए।

तीन सालों की कड़ी मेहनत के बाद मंदिर पहले जैसा दिखने लगा। लक्ष्मीनाथ मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष निशांत भारद्वाज का कहना है कि मंदिर को बचाने के लिए जनप्रतिनिधियों से कई बार मदद की गुहार लगाई गई थी लेकिन किसी ने भी एक ना सुनी। इसके बाद गांव के लोगों ने ही अपनी हैसियत के मुताबिक चंदा एकत्रित किया। किसी ने अपनी फसल बेचकर पैसे जमा किए तो किसी ने अपनी बचत के पैसे दिए। सबके सफल प्रयासों से मंदिर अपने पुराने स्वरूप में वापस आ गया।

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