अब 45 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाएं जल्द बिना किसी पुरुष साथी के हज पर जा सकेंगी। अल्पसंख्यक मंत्रालय नई हज पॉलिसी ड्राफ्ट कर रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि 45 साल से अधिक उम्र की चार महिलाओं का समूह बिना पुरुष साथी यानी महरम के हज यात्रा पर जा सकेंगी।
अभी तक की नीति में 45 साल से कम उम्र की महिलाएं बिना पुरुष साथी के हज पर नहीं जा सकती हैं वहीं नीति में पुरुष साथी का कोटा भी 200 से बढ़ाकर 500 किए जाने का प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने की ओर बढ़ाया गया कदम है। कई इस्लामिक देशों में जहां महिलाओं के लिए इस तरह की पाबंदी नहीं है फिर क्यों भारतीय महिलाओं के लिए इस तरह की पाबंदियां रहें?
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अधिकारी ने कहा कि हमें 45 साल की महिलाओं के अकेले हज पर जाने देने में कोई समस्या नजर नहीं आती है।अगर वो अकेले जाना चाहती हैं तो वो जा सकती हैं। एनडीए सरकार ने यह साबित कर दिया है कि धर्म को लेकर महिलाओं के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करती है वहीं ट्रिपल तलाक वाला मामला इसका उदाहरण है।