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मुस्लिम महिलाएं भी बिना किसी पुरुष साथी के कर सकेंगी हज

Tue, 31 Oct 2017 05:29 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
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अब 45 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाएं जल्द बिना किसी पुरुष साथी के हज पर जा सकेंगी। अल्पसंख्यक मंत्रालय नई हज पॉलिसी ड्राफ्ट कर रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि 45 साल से अधिक उम्र की चार महिलाओं का समूह बिना पुरुष साथी यानी महरम के हज यात्रा पर जा सकेंगी।
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अभी तक की नीति में 45 साल से कम उम्र की महिलाएं बिना पुरुष साथी के हज पर नहीं जा सकती हैं वहीं नीति में पुरुष साथी का कोटा भी 200 से बढ़ाकर 500 किए जाने का प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने की ओर बढ़ाया गया कदम है। कई इस्लामिक देशों में जहां महिलाओं के लिए इस तरह की पाबंदी नहीं है फिर क्यों भारतीय महिलाओं के लिए इस तरह की पाबंदियां रहें?

पढ़ें: अमित शाह का बड़ा ऐलान, हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल होंगे भाजपा का सीएम चेहरा अधिकारी ने कहा कि हमें 45 साल की महिलाओं के अकेले हज पर जाने देने में कोई समस्या नजर नहीं आती है।अगर वो अकेले जाना चाहती हैं तो वो जा सकती हैं। एनडीए सरकार ने यह साबित कर दिया है कि धर्म को लेकर महिलाओं के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करती है वहीं ट्रिपल तलाक वाला मामला इसका उदाहरण है।  
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अल्पसंख्यक और विदेश मंत्रालय हज नीति को लेकर ला सकता है प्रस्ताव

फाइल
अल्पसंख्यक और विदेश मंत्रालय केंद्र की प्रस्तावित हज नीति को लेकर विभिन्न पक्षकारों से मिले सुझावों पर बैठक भी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, दो नवंबर को होने वाली समीक्षा बैठक में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, दोनों मंत्रालयों और भारतीय हज कमेटी (एचसीआई) के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग ले सकते हैं। उसके बाद सभी पक्षकारों के सुझाव के साथ नीति के मसौदे को समीक्षा कमेटी के सामने रखा जाएगा।

इसके बाद कमेटी की बैठक में ही फैसला लिया जाएगा कि मसौदे को कब सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जाए। बता दें कि प्रस्तावित हज नीति साल 2012 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक तैयार की गई है। शीर्ष अदालत ने ही साल 2022 तक केंद्र से धीरे-धीरे हज सब्सिडी खत्म करने के लिए कहा था। इस महीने की शुरुआत में नीति के मसौदे को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को सौंपा गया था। 
 
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