देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पिछले कई हफ्तों से नाइट कर्फ्यू व लॉकडाउन लागू किया गया है। अब इन प्रतिबंधों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। कई प्रदेशों में कोरोना के मामलों में कमी दर्ज की जा रही है। हालांकि, देशभर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर इतने व्यापक तरीके से फैल गई कि इस साल मई (शुरुआती 21 दिनों के आधार पर) देश में महामारी का सबसे घातक महीना साबित हुआ है।
70 लाख से अधिक मरीज आए सामने
देश में कोरोना के मामले शुक्रवार (1 से 21 मई) तक 70 लाख के आंकड़े को पार कर गए। यह आंकड़ा पिछले महीने अप्रैल में दर्ज किए गए 69.4 लाख के रिकॉर्ड को पार कर गया। सिर्फ मई के 21 दिनों में ही कोरोना के 71.3 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल महामारी की शुरुआत के बाद से पाए गए सभी संक्रमण के मामलों का 27 प्रतिशत से अधिक है।
83,135 लोगों की मौत
मई में हुई मौतों के आंकड़े और भी डराने वाले हैं। इस महीने देशभर में अब तक 83,135 लोगों की मौत हो चुकी है, जो पिछले उच्चतम मासिक मृत्यु दर 48,768 से अधिक है। मई के हर दिन अब तक औसतन लगभग चार हजार (3,959) मौतें दर्ज की गई हैं। हालांकि, इस डाटा में कोरोना से हुई कुछ पुरानी मौतों का आंकड़ा भी शामिल हैं।
देशभर में 24 घंटे में दर्ज हुए 2.5 लाख से ज्यादा कोविड केस
भारत में प्रतिदिन 2.5 लाख से अधिक कोरोना के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। एक समाचार वेबसाइट के कोविड डाटाबेस के अनुसार शुक्रवार को देशभर में 2,57,299 कोविड केस दर्ज हुए। हालांकि इन मामलों में शीर्ष स्तर से 35 फीसद की गिरावट आई है, लेकिन कोरोना के कारण हो रही मौतों की संख्या अभी भी अधिक है। 3 मई के बाद शुक्रवार को पहली बार मरने वालों की संख्या 3,500 से नीचे रही। इस दिन कोरोना से 3,478 लोगों की मौत हुई जो पिछले दिन बृहस्पतिवार को 3,968 थी।