पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। इसमें भी वह सिंधु नदी बेसिन के पानी पर बहुत अधिक निर्भर है। भारत और पाकिस्तान के बीच जल समझौते के तहत पाकिस्तान को सिंधु नदी और उसकी पश्चिमी सहायक नदियों (झेलम और चिनाब) का पानी आवंटित किया गया है। भारत यदि इन नदियों के प्रवाह को मोड़ देता है तो पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा सूखे की चपेट में आ जाएगा। सिंचाई में कमी से गेहूं, चावल, गन्ना और कपास जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। यह पाकिस्तान की खाद्य सुरक्षा और निर्यात के लिए महत्वपूर्ण हैं। ब्यूरो
संधि स्थगित होने के बाद अब पाकिस्तान का कृषि क्षेत्र सीधे तौर पर होगा प्रभावित
पाकिस्तान की आबादी के करीब 237 मिलियन लोग इस प्रणाली के अंतर्गत मिलने वाले पानी पर निर्भर हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इन नदियों पर कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बनाए हैं। पाकिस्तान की जीडीपी में कृषि का एक महत्वपूर्ण योगदान है। सिंधु जल संधि के स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान का कृषि क्षेत्र सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है। सिंचाई के लिए पानी न मिल पाने की वजह से फसलें तैयार नहीं हो पाएंगी, जिसके चलते पाकिस्तान में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
इसे भी पढ़ें- India vs Pakistan: अब एलओसी को मानने के लिए बाध्य नहीं भारत, पाकिस्तान पर भारी पड़ेगा शिमला समझौते का निलंबन
पाकिस्तान में खड़ा हो जाएगा अन्न, जल और उर्जा का संकट
सिंधु जल समझौते पर रोक लगाए जाने के बाद पाकिस्तान में जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। पाकिस्तान की 80 फीसदी खेती योग्य भूमि (16 मिलियन हेक्टेयर) सिंधु नदी प्रणाली के पानी पर निर्भर है। पानी रोके जाने के बाद अन्न संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। सिंधु और उसकी सहायक नदियों पर पाकिस्तान के प्रमुख शहर कराची, लाहौर, मुल्तान निर्भर हैं। पाकिस्तान के तरबेला और मंगला जैसे पॉवर प्रोजेक्ट इस नदी पर निर्भर करते हैं, अगर पानी रोका जाता है, तो पाकिस्तान में ऊर्जा संकट खड़ा हो जाएगा।
कूटनीतिक विश्वसनीयता को नुकसान
समझौते के निलंबन से पाकिस्तान की पहले से ही कमजोर कूटनीतिक विश्वसनीयता और कमजोर होगी। वैश्विक समुदाय इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम के रूप में देखेगा और पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलगाव बढ़ सकता है। ऐसे में, आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना और भी मुश्किल हो जाएगा।
इसे भी पढ़ें- Pahalgam Attack: पाकिस्तान के विदेश मंत्री की बेशर्मी, पहलगाम हमले के आतंकियों को बताया स्वतंत्रता सेनानी