कश्मीर में शीतलहर की स्थिति गंभीर
कश्मीर में शीतलहर की स्थिति गंभीर हो गई है। सोमवार की रात श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.3 डिग्री दर्ज किया गया है। श्रीनगर के साथ ही कश्मीर घाटी के कई शहरों में जल आपूर्ति योजनाएं और जल स्रोत जम गए हैं, लेकिन गुलमर्ग में तापमान गिरने और बर्फ की चादर बिछने से सैलानियों के चेहरे खिल गए हैं। लोग जमकर स्कीइंग का लुत्फ उठा रहे हैं। हिमाचल के 12 जिलों में से चार जिलों में निचले पहाड़ी इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भीषण शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है। लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में सोमवार की रात माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया। शिमला और कुफरी में भी 10 डिग्री से कम तापमान बना हुआ है।
झारखंड में पारा 2.5 डिग्री तक पहुंचा
झारखंड में न्यूनतम पारा 2.5 डिग्री पहुंच गया है। रांची समेत 8 जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार से पारे में 3-5 डिग्री तक की वृद्धि का अनुमान जताया है।
राजस्थान के कई क्षेत्रों में गलन बढ़ी
राजस्थान के कई क्षेत्रों में रात का पारा कई डिग्री नीचे तक गिर जा रहा है। सोमवार की रात करौली में सबसे कम 1.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। फतेहपुर, सांगरिया, सीकर, चूरू, अलवर, गंगानगर और पिलानी भी पांच डिग्री से नीचे ही पारा रहा।
कश्मीर में रिकॉर्ड 2.20 करोड़ पर्यटक पहुंचे
कश्मीर देश-विदेश के पर्यटकों को खूब भा रहा है। जम्मू मेंं भी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। हर तिथि के साथ यहां अतिथि बढ़े हैं। इस वर्ष रिकॉर्ड 2.20 करोड़ लोगों ने जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। नए जम्मू-कश्मीर के इस कीर्तिमान में बुनियादी ढांचे में सुधार, सुरक्षा, शांति बहाली और पर्यटकों को आकर्षित करने के प्रयास कारागार साबित हुए। 370 हटने के बाद एक वर्ष तक पर्यटकों की संख्या थम सी गई थी। 2020 में प्रदेश में 1,650 विदेशी समेत 34 लाख पर्यटक पहुंचे। चार वर्ष पहले विदेशी पर्यटकों की संख्या दो हजार से भी नीचे थी, जो अब 64 हजार पार हो गई है। पर्यटन विभाग की आयुक्त सचिव यशा मुदग्ल ने कहा, विभाग ने पर्यटकों को बेहतर माहौल दिया है।जिससे उनकी कश्मीर की तरफ रुचि बढ़ी है।
हवाई और सड़क संपर्क में सुधार
नई सड़कों के निर्माण, श्रीनगर-लेह राजमार्ग सहित मौजूदा राजमार्गों में सुधार से पर्यटकों के लिए यात्रा आसान हो गई है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की क्षमता का विस्तार हुआ है। इससे अधिक उड़ानें संभव हो पाई हैं। दिल्ली, मुंबई और बंग्लुरु जैसे प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों ने यात्रा को सुविधाजनक बना दिया है।