नागरिकता संशोधन बिल के अलावा इस सत्र में डाक्टरों को हिंसा से बचाने के लिए स्वास्थ्य देखभाल सेवा कार्मिक और नैदानिक प्रतिष्ठान (हिंसा एवं संपत्ति क्षति निषेध) बिल पेश किया जाना है। इसमें डाक्टरों के खिलाफ हिंसा करने पर 10 साल तक की जेल का प्रावधान है।
इसके अलावा राष्ट्रीय नदी गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए बिल पेश किया जाना है। इस बिल में प्रदूषण फैलाने पर 5 साल तक की जेल और 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसी सत्र में सरकार ई सिगरेट पर पाबंदी और कॉरपोरेट टेक्स में बदलाव के लिए जारी अध्यादेश पर भी बिल पेश करेगी।
विपक्ष की बेंच पर होगी शिवसेना
शिवसेना-भाजपा का तीन दशक पुराना साथ छूटने का असर संसद के दोनों सदनों में दिखाई देगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि दोनों ही सदनों में शिवसेना को विपक्षी बेंच में बैठने की व्यवस्था की जाएगी। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने राजग से नाता तोड़ लिया है। पार्टी के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने पिछले हफ्ते ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
पहले सत्र में टूटे थे कई रिकार्ड
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले सत्र में दोनों सदनो में रिकार्डतोड़ काम हुआ था। इसी सत्र में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर राज्य को जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया था। लोकसभा में कई दिनों तक देर रात तक कार्यवाही चली थी।
बैठकों का दौर
सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। रविवार को सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इसमें 27 दलों ने हिस्सा लिया।