बता दें कि विंग कमांडर अभिनंदन की सबसे पहले रेडक्रॉस मेडिकल जांच होगी। इसमें इस बात का पता लगाया जाएगा कि उन्हें कितनी चोटें लगी हैं? ये चोटें कैसे लगी हैं? पता लगाया जाएगा कि क्या उन्हें टॉर्चर किया गया? अगर किया गया तो किस स्तर तक का टॉर्चर था।
ये भी पता लगाया जाएगा कि उन्हें ड्रग्स तो नहीं दिए गए। प्रोटोकॉल के तहत अभिनंदन की बॉडी स्कैनिंग होगी। उनकी फिजिकल जांच के साथ साइकोलॉजिकल जांच भी होगी। इसके पीछे की वजह ये है कि अगर उन्हें टॉर्चर किया गया तो इस मुद्दे को भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जेनेवा संधि के मुताबिक युद्धबंदियों के साथ अमानवीय व्यवहार नहीं किया जा सकता।
युद्धबंदियों से जुड़े सारे प्रोटोकॉल उनपर लागू होंगे। जिसके तहत हर जानकारी ली जाएगी। भारतीय वायु सेना अभिनंदन से पूछताछ करेगी और उसकी रिपोर्ट भारत सरकार को भेजेगी। अभिनंदन से दिल्ली के पालम टेक्निकल एरिया में वायु सेना की टीम सवाल पूछेगी। जैसे पाकिस्तान में उनसे क्या सवाल पूछे गए? कितनी बार उनसे पूछताछ की गई? और उन्होंने उन सवालों के क्या जवाब दिए?
इसकी रिपोर्ट टीम सरकार को भेजेगी। इससे आगे चलकर काफी मदद मिलेगी, दुश्मन देशों के सवाल पूछने के तरीके के हिसाब से भारतीय वायु सेना अपने पायलटों को तैयार करेगी।