गणेश चतुर्थी यानी दो सितंबर को वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ और वीर चक्र से सम्मानित पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने मिलकर मिग-21 उड़ाया। अभिनंदन ने बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराया था। वायुसेना प्रमुख के साथ उनकी यह उड़ान पठानकोट वायुसेना अड्डे से भरी गई।
पाकिस्तानी एफ-16 जेट को मार गिराने वाले मिग-21 बाइसन को लगातार अपग्रेड किया जाता रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मिग-21 की खासियत क्या है और क्यों इसे उड़ने वाला ताबूत भी कहा जाता रहा है। आइए जानते हैं भारत के इस फाइटर जेट की खूबियांः
भारत के पास कई लड़ाकू विमान हैं। लेकिन ज्यादातर मौकों पर मिग-21 का इस्तेमाल किया है। यह भारत का एक सबसे पुराना फाइटर जेट है। इस फाइटर जेट का इस्तेमाल दुश्मन को सीमा पर रोकने के लिए होता है। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद जैसे ही पाकिस्तान की तरफ से एफ-16 लड़ाकू विमान आए वैसे ही भारत ने अपने मिग-21 रवाना कर दिए। जिसके बाद उन्होंने कुछ ही मिनटों में सीमा पर पहुंचकर पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को खदेड़ दिया।
मिग विमानों की बात की जाए तो ये हमेशा से सवालों के घेरे में रहा है। वायु सेना में होने वाले लड़ाकू विमान हादसों और उसकी वजह से पायलटों की जान का नुकसान सबसे ज्यादा इन्हीं विमानों की वजह से हुआ है। मिकोयन गुरेविच (Mikoyan-Gurevich) को ही मिग-21 विमान कहा जाता है।