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राफेल उड़ा रहे होते अभिनंदन तो न पड़ते पाकिस्तान के हाथ, अब गरमाएगी सियासत!  

Sun, 03 Mar 2019 10:21 AM IST
अमित मंडल अमित शर्मा, नई दिल्ली
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rafale - फोटो : अमर उजाला
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इंडियन एयर फोर्स के जाबाज पायलट अभिनन्दन हिंदुस्तान की धरती पर वापस आ चुके हैं। उनकी वापसी से पूरा देश खुश है। लेकिन इसी के साथ यह सवाल उठाया जाने लगा है कि क्या अगर पायलट अभिनंदन राफेल फाइटर प्लेन उड़ा रहे होते तो वे पाकिस्तान की गिरफ्त में न फंसते? उन्होंने जिस मिग-21 विमान को उड़ाते हुए पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराया, वे तकनीकी के मामले में एफ-16 के आगे कहीं नहीं ठहरते। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि अगर भारतीय सेना के पास राफेल जैसी उन्नत तकनीकी के विमान होते, और अभिनन्दन उससे पाकिस्तानी हमलावरों पर हमला बोलते तो संभवत: स्थिति कुछ और होती।   

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दरअसल, प्रधानमंत्री ने गुरुवार को पार्टी के कार्यक्रम के एक मंच से आतंक पर कड़ा हमला बोला। उसी शाम अभिनंदन की वापसी को इशारे में एक पायलट प्रोजेक्ट की सफलता बताया। भाजपा और विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस की तरफ से अब इस मामले में सियासी बयानबाजी जोर पकड़ चुकी है। दोनों तरभ से आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। एक तरह से यह तय हो गया है कि लोकसभा चुनाव में इस मामले पर जमकर राजनीति होगी। भाजपा समझ रही है कि जैसे ही भारत-पाकिस्तान के बीच स्थिति सामान्य होगी और चुनावी राजनीति गरमाएगी, विपक्ष उसके ऊपर इन हमलों को लेकर राजनीति करने का आरोप जरूर लगाएगा। चुनाव में यह सवाल अवश्य उठेगा कि इन हमलों से देश को क्या हासिल हुआ और ठीक चुनाव के पहले इन हमलों की क्या आवश्यकता थी? यही कारण है कि भाजपा अभी से इन सवालों के जवाब खोज रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में राफेल में देरी को लेकर कांग्रेस को घेरा। पाकिस्तान में घुसकर की गई कार्रवाई और उसके लड़ाकू विमानों को खदेड़ने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि आज राफेल लड़ाकू विमान की कमी महसूस हो रही है। अगर राफेल विमान हमारे पास होता तो परिणाम इससे कुछ अलग होता। उन्होंने कहा कि राफेल पर पहले स्वार्थ नीति और अब राजनीति की वजह से देश का बहुत नुकसान हो रहा है। वहीं, शनिवार को ही राहुल ने मोदी सरकार को राफेल मिलने में हो रही देरी को लेकर घेरा। उन्होंने कहा कि राफेल पर सौदा यूपीए सरकार में हुआ, लेकिन क्या वजह है कि अब तक यह भारत को नहीं मिल सकता है। 
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केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने गुरुवार को कहा कि हमारे पायलट ने एक कम उन्नत तकनीकी के विमान से एफ-16 विमान को न सिर्फ मार गिराया, बल्कि अन्य को भारतीय सीमा से दूर खदेड़ दिया। ऐसा करते हुए ही उनका विमान दुश्मन की गिरफ्त में आ गया होगा। लेकिन अगर अभिनन्दन के पास राफेल जैसे उन्नत श्रेणी के विमान होते तो वे ज्यादा सक्षमता के साथ उनका जवाब देने में सक्षम होते। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस को इस बात का जवाब देना पड़ेगा कि उसने राफेल विमान समझौते को दस साल से क्यों रोक रखा था, जबकि भारतीय वायु सेना ने 2008 में ही ऐसे विमानों की आवश्यकता बता दी थी। अब उसे जवाब देना पड़ेगा कि उसने दस सालों तक राफेल की खरीद प्रक्रिया रोक कर क्यों रखा? 

भाजपा नेता के इस बयान से यह साफ़ हो गया है कि चुनाव में एक बार फिर राफेल का मुद्दा गरमा सकता है। लेकिन इस बार राफेल भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को भी परेशान कर सकता है।
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