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ममता और जया की जीत GST पर भाजपा को दे सकती है राहत

Fri, 20 May 2016 01:34 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में दीदी, अम्मा और बीजेपी का जलवा
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पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में भाजपा बेशक कोई खास करिश्मा न कर सकी हो लेकिन वहां ममता और जया की जीत ने केंद्र में उसकी राह जरूर आसान कर दी है। जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण बिल पर राज्यों का साथ पाने के लिए जूझ रही भाजपा को इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री  ममता बनर्जी और तमिलनाडु की सीएम जयललिता से राहत जरूर मिल सकती है। 
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चुनाव में जीत के बाद ममता ने तो कल इस बात की घोषणा कर दी थी कि वह जीएसटी के मुद्दे पर केंद्र का समर्थन करेंगी। वहीं जयललिता का रुख भी इस पर नरम दिख रहा है। चुनावों से पहले भी उन्होंने इस बात के संकेत दिए ‌थे कि जीएसटी के मामले में वह राज्यों के विकास की राह में रोड़ा नहीं बनना चाहेंगी। जबकि असम में खुद भाजपा की जीत से उसके सामने एक चुनौती और कम हो गई है।

बता दें कि केंद्र सरकार लंबे समय से जीएसटी को देशभर में लागू करवाने का प्रयास कर रही है। लेकिन लोकसभा से पास होने के बाद यह बिल राज्यसभा में अटका पड़ा है क्योंकि वहां सरकार के पास बहुमत नहीं है। इसी के बाद से केंद्र सरकार विपक्षी दलों से संबंध सुधारने की कवायद में लगी है। 
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राज्यसभा में भी बढ़ेगा भाजपा का दबदबा

- फोटो : PTI
कांग्रेस के अडियल रुख के कारण भाजपा ने दूसरे दलों की ओर रुख किया तो उसके सामने मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी, ममता बनर्जी की टीएमसी और जयललिता की एआईएडीएमके जैसे चुनिंदा बड़े दल थे जिनके सहयोग से उसकी नाव किनारे लग सकती थी। मुलायम सिंह से भाजपा की नजदीकी दोबारा बढ़ती दिख रही है जिसके बाद सपा ने भी जीएसटी के मुद्दे पर केंद्र के सहयोग के संकेत दे दिए हैं। 

इसके बाद भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती ममता बनर्जी और जयललिता को साधने की थी। लेकिन विधानसभा चुनावों में दोनों की जीत ने आसानी से उसकी राह आसान कर दी। दोनों राज्यों में जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी खुद फोन कर ममता बनर्जी और जयललिता को फोन कर रिश्तों पर जमी बर्फ को पिघलाने की पहल की। 

इसका असर भी तुरंत ही दिखा जब जीत के बाद ममता बनर्जी मीडिया के सामने आई तो कहा कि हमारे बीच सैद्धांतिक मतभेद हैं। लेकिन जनहित के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस केंद्र का समर्थन करेगी। उन्होंने दोहराया पार्टी अपने वादे के मुताबिक संसद में जीएसटी विधेयक का भी समर्थन करेगी। 

वहीं जयललिता ने भी इसी तरह के संकेत देते हुए कहा कि वह चुनाव पूर्व किए अपने वादे को पूरा करेंगी और जीएसटी के मुद्दे पर केंद्र का समर्थन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा वह विकास के हर मुद्दे पर केंद्र के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। वहीं असम में भाजपा की जीत से बेशक उसे राज्यसभा में तत्कालिक लाभ न मिल सके लेकिन आने वाले समय में उसकी ताकत जरूर बढ़ेगी, जिसका लाभ उसे आगे आगे जरूर मिलेगा।
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