कर्नाटक में नेतृत्व के विवाद के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि कांग्रेस आलाकमान के बुलावे पर वे दिल्ली जाने को तैयार हैं। सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने पर मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें तेज हैं, वहीं सिद्धारमैया मार्च में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश करने की तैयारी भी कर रहे हैं।
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को कहा कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें बुलाता है, तो वह नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए दिल्ली जाएंगे।
विज्ञापन
20 नवंबर को कांग्रेस सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में से अपना ढाई साल पूरा कर लिया। इसके बाद से ही मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। यह चर्चा 2023 में सरकार गठन के दौरान सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित 'पावर-शेयरिंग' के समझौते की वजह से शुरू हुई।
140 विधायकों का समर्थन: शिवकुमार
वहीं, सोमवार को दिल्ली से लौटे डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सिद्धारमैया और उनके बीच नेतृत्व के मुद्दे पर हाईकमान की मौजूदगी में बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि फैसला ले लिया गया है, बाकि समय ही हर सवाल का जवाब देगा। शिवकुमार ने यह भी दावा किया कि उन्हें सिद्धारमैया समेत सभी 140 विधायकों का समर्थन मिला हुआ है।
बजट और विधानसभा सत्र की तैयारी एक अन्य सवाल के जवाब में सिद्धारमैया ने बताया कि 22 से 31 जनवरी तक चलने वाले राज्य विधानसभा के संयुक्त सत्र के बाद बजट की तैयारियां शुरू हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि 22 जनवरी से विधानसभा का संयुक्त सत्र शुरू होगा। इसमें मनरेगा (MGNREGA) को लेकर एक विशेष सत्र और राज्यपाल का भाषण भी होगा। इसके बाद बजट की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, साल 2026-27 का बजट मार्च में पेश होने की उम्मीद है। यह सिद्धारमैया का रिकॉर्ड 17वां बजट होगा। पिछले साल मार्च में उन्होंने अपना 16वां बजट पेश किया था।