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पवन खेड़ा को राहत मिलेगी या नहीं?: सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला रखा सुरक्षित, जानें सबकुछ

Thu, 30 Apr 2026 01:40 PM IST
Riya Dubey पीटीआई, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह मामला हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए गए कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति के आरोपों से जुड़ा है।
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा - फोटो : आईएनएस
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़ा है।

क्या है मामला?

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई पासपोर्ट हैं और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं। इन आरोपों के बाद रिनिकी भुइयां शर्मा ने खेड़ा और अन्य के खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एएस चंदूरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान खेड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप ट्रायल का विषय हैं और गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन धाराओं में मामला दर्ज है, उनमें से कई जमानती हैं और बाकी में भी गिरफ्तारी जरूरी नहीं है, इसलिए अग्रिम जमानत से इनकार करना उचित नहीं होगा। सिंहवी ने यह भी तर्क दिया कि यदि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत नहीं दी जाती, तो इस कानूनी प्रावधान का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

सॉलिसिटर जनरल ने याचिका का किया विरोध 

वहीं, असम सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि खेड़ा ने मुख्यमंत्री की पत्नी के पासपोर्ट से जुड़े फर्जी और छेड़छाड़ किए गए दस्तावेज पेश किए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खेड़ा जांच से बच रहे हैं और लगातार वीडियो जारी कर गलत तथ्यों को प्रचारित कर रहे हैं। मेहता ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार और गलत हैं।

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पवन खेड़ा ने 24 अप्रैल को गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने उन्हें सात दिनों की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन असम पुलिस की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने इस राहत पर अंतरिम रोक लगा दी और खेड़ा को गुवाहाटी हाईकोर्ट का रुख करने को कहा था। अब सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं, जो तय करेगा कि पवन खेड़ा को गिरफ्तारी से राहत मिलेगी या नहीं।
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