प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जापान में प्रमुख उद्यमियों से बातचीत करते हुए भारत को बड़ी संभावनाओं वाला देश बताया। उन्होंने जापानी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए भारत में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। मोदी ने भरोसा दिया कि भारत को विश्व की सबसे खुली अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुधारों को और आगे बढ़ाया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत जापान से अधिक निवेश चाहता है। इसके लिए उन्होंने जापानी उद्योगपतियों की चिंताओं को दूर करने के वास्ते अधिक सक्रियता के साथ काम करने का आश्वासन भी दिया। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए नीतियों और प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए उनकी सरकार ‘स्थिर, विश्वसनीय और पारदर्शी’ नियामक व्यवस्था बनाने में जुटी है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जीएसटी लागू करने की प्रगति के बारे में भी बताया। उन्होंने विदेशी निवेश के मामले में देश की नीतियों को आकर्षक बनाने के लिए कानूनी सुधार पर उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि हमने राजकाज संचालन की ऐसी व्यवस्था बनाई है जिसमें भारत अपनी क्षमतानुसार सफलता हासिल करेग। इसके परिणाम दिखाई देने लगे हैं। वह यहां जापानी उद्योग मंडल केइदानेन, जापानी चैंबर ऑफ कामर्स और जापान-भारत व्यावसायिक मंच द्वारा आयोजित बैठक मेें बोल रहे थे। मोदी मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद दूसरी बार जापान यात्रा पर गए हैं।
उन्होंने कहा कि 2015 में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था रही है। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष दोनों ने ही यह रुझान जारी रहने का अनुमान जताया है। उन्होंने जापानी कंपनियों से कहा कि ‘हम सड़कों और रेलवे का तेजी से निर्माण चाहते हैं, हम खनिज और हाइड्रोकार्बन की खोज पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए करना चाहते हैं, मकान और नागरिक सुविधाएं स्मार्ट तरीके से बनाना चाहते हैं और स्वच्छ तौर तरीकों से ऊर्जा का उत्पादन करना चाहते हैं।’