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सियासत: कांग्रेस नेता ने पीएम से पूछा- क्या मस्जिद-गुरुद्वारे-चर्च पर भी ध्वज फहराएंगे? AIMIM का भी तीखा सवाल

Tue, 25 Nov 2025 07:12 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Politics On Dharma Dhwaja: पीएम मोदी ने आज अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर धर्म ध्वज फहराया है। वहीं इसे लेकर देश में राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस नेता ने जहां पीएम मोदी से सवाल पूछा कि क्या वे मस्जिद-गुरुद्वारे-चर्च पर भी ध्वज फहराएंगे? वहीं एआईएमआईएम नेता ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।
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पीएम मोदी के धर्म ध्वज फहराने पर राजनीति - फोटो : एएनआई-पीटीआई
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विस्तार
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अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के 191 फुट ऊंचे शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भगवा ध्वज फहराने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व सांसद राशिद अल्वी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश का संविधान किसी एक धर्म को नहीं मानता, ऐसे में प्रधानमंत्री मंदिर पर ध्वज क्यों फहरा रहे हैं? राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे का इस्तेमाल 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक फायदा लेने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने पूछा, 'क्या प्रधानमंत्री किसी मस्जिद, गुरुद्वारे या चर्च पर भी ऐसा ध्वज फहराएंगे? उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू से सेक्युलरिज्म सीखना चाहिए।'
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भारत और दुनिया आज 'राम-मय' है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आज राम मंदिर पर धर्म ध्वज स्थापित किया, जिसे मंदिर निर्माण पूर्ण होने का प्रतीक बताया गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दुनिया आज 'राम-मय' है। उन्होंने इसे ऐसा क्षण बताया जो 'सदियों के घाव भरता है' और 500 साल पुराने संकल्प को पूरा करता है। पीएम मोदी ने कहा, “हर राम भक्त के हृदय में आज अद्भुत संतोष है, अपार कृतज्ञता है। पीढ़ियों का दर्द समाप्त हो रहा है। आज धर्म ध्वज केवल एक झंडा नहीं, राम की ऊर्जा का प्रतीक है।'
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कांग्रेस के आरोपों पर अठावले का जबाव
वहीं राशिद अल्वी के आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से जवाब भी आया। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम किसी धर्म के खिलाफ नहीं है और न ही संविधान के विरोध में है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी सभी धर्मों में विश्वास रखते हैं। राम मंदिर पर ध्वज फहराना पूरी तरह संवैधानिक है। कांग्रेस ने हमेशा हिंदू वोटों की राजनीति की है। मंदिर में ध्वज फहराना भी एक तरह से सेक्युलरिज्म है।'
 

AIMIM ने भी उठाए सवाल
पीएम मोदी के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ऊपर धर्म ध्वज फहराने पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा, '6 दिसंबर 1992 भारत और लोकतंत्र के लिए एक काला दिन था जब हमारी बाबरी मस्जिद को एक साजिश के तहत गिरा दिया गया था। हमारा मानना है कि मस्जिद वहीं रहेगी जहां वह थी... वह (पीएम मोदी) वहां गए और झंडा फहराया... आप किसी खास समुदाय के प्रधानमंत्री नहीं हैं, आप पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं...'
 
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वहीं प्रधानमंत्री मोदी के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ऊपर धर्म ध्वज फहराने पर, राम जन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद केस के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, 'अयोध्या देवताओं की नगरी है... भगवान राम का मंदिर बना, और पीएम मोदी ने झंडा फहराया। यह बहुत शुभ था... खुशी की लहर थी... सभी धर्मों और जातियों के लोगों को बुलाया गया था। मैं भी वहां गया था।'
 


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