कांग्रेस के आरोपों पर अठावले का जबाव
वहीं राशिद अल्वी के आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से जवाब भी आया। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम किसी धर्म के खिलाफ नहीं है और न ही संविधान के विरोध में है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी सभी धर्मों में विश्वास रखते हैं। राम मंदिर पर ध्वज फहराना पूरी तरह संवैधानिक है। कांग्रेस ने हमेशा हिंदू वोटों की राजनीति की है। मंदिर में ध्वज फहराना भी एक तरह से सेक्युलरिज्म है।'
AIMIM ने भी उठाए सवाल
पीएम मोदी के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ऊपर धर्म ध्वज फहराने पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा, '6 दिसंबर 1992 भारत और लोकतंत्र के लिए एक काला दिन था जब हमारी बाबरी मस्जिद को एक साजिश के तहत गिरा दिया गया था। हमारा मानना है कि मस्जिद वहीं रहेगी जहां वह थी... वह (पीएम मोदी) वहां गए और झंडा फहराया... आप किसी खास समुदाय के प्रधानमंत्री नहीं हैं, आप पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं...'
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वहीं प्रधानमंत्री मोदी के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ऊपर धर्म ध्वज फहराने पर, राम जन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद केस के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, 'अयोध्या देवताओं की नगरी है... भगवान राम का मंदिर बना, और पीएम मोदी ने झंडा फहराया। यह बहुत शुभ था... खुशी की लहर थी... सभी धर्मों और जातियों के लोगों को बुलाया गया था। मैं भी वहां गया था।'