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92 साल बाद एक हो सकेंगे रेल और आम बजट?

Mon, 08 Aug 2016 03:57 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक होंगे रेल और आम बजट?
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देश में एक बार फिर रेल और आम बजट एक होने परंपरा जिंदा हो सकती है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि वह रेल मंत्रालय के उस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जिसमें रेल और आम बजट एक करने की बात कही गई है। अगर ऐसा होता है तो करीब 92 साल बाद दोनों एक ही बजट में मिल जाएंगे। 
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वित्त सचिव अशोक लवासा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा है, 'हम इस प्रस्ताव (रेल मंत्री सुरेश प्रभु के ) पर विचार करेंगे और देखेंगे। इसकी प्रक्रिया रेल मंत्रालय की सलाह से शुरू की जाएगी।' 1924 में ब्रिटिश राज के समय ही रेल बजट को आम बजट से अलग कर दिया गया था। ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ध्यान देने के मकसद से किया गया था। तब कुल बजट में रेलवे की हिस्सेदारी 70 फीसदी थी और अब औसत करीब 15 फीसदी है। 
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कब तक होगा आखिरी फैसला?

वित्त मंत्री और रेल मंत्री
कब दोनों बजट एक होंगे? इस पर वित्त मंत्रालय का कहना है,  'हम प्रस्ताव के नफा-नुकसान पर विचार करने के बाद ही आखिरी फैसला लेंगे।'

वित्त सचिव का कहना है, 'दोनों बजट के मर्जर का प्रस्ताव पहले भी आ चुका है। ऐसे में हमें देखना होगा कि तब उस प्रस्ताव पर क्या विचार आएं थे।' हालांकि एक तथ्य यह भी है कि अगर दोनों बजट एक में ही मिला दिए जाते हैं तो रेलवे के राजस्व घाटे का असर दवाब आम बजट पर पड़ेगा।  

रेलवे पहले ही तरीब 30 हजार करोड़ के राजस्व घाटे से जूझ रहा है। अब सातवें वेतन आयोग को लागू करने के बाद मंत्रालय पर और भी आर्थिक बोझ आन पड़ा है। 
 
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