सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ कर दिया कि वह फिलहाल समय की कमी के चलते तीन तलाक की संवैधानिक वैधता को लेकर ही सुनवाई करेगा। बहुविवाह और निकाह हलाला पर सुनवाई बाद में की जाएगी।
अटॉर्नी जनरल ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा था कि संविधान पीठ को तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह, तीनों की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई करनी चाहिए। तीनों एक-दूसरे से जुड़े मामले हैं।
उन्होंने कहा कि दो सदस्यीय पीठ ने इन तीनों ही मसलों को परीक्षण के लिए संविधान पीठ के पास भेजा था। इस पर संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि समय की कमी की वजह से हम फिलहाल तीन तलाक के मामले पर सुनवाई रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में निकाह हलाला और बहुविवाह की संवैधानिक वैधता का भी परीक्षण किया जाएगा। हम फिलहाल इसे लंबित रखते हैं।