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Wildlife Bill: वन्यजीव विधेयक पर कांग्रेस नेता जयराम ने जताई आपत्ति, भूपेंद्र यादव बोले- उनका विरोध समझ से परे

Sat, 10 Dec 2022 06:13 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि गवर्नेंस का अर्थ सबका कल्याण और खासतौर पर गरीबों का कल्याण होता है। ऐसे में विपक्ष के नेताओं को गैरजरूरी विरोध से परे जा कर गरीब कल्याण के मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाना चाहिए।
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वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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राज्यसभा में पारित वन्यजीव संरक्षण बिल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश सहित विपक्ष के दूसरे नेताओं की आपत्तियों को वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गैरजरूरी और तथ्यहीन बताया है। यादव ने शुक्रवार को कहा कि इस बिल के जरिए राज्यों के अधिकारों को जहां मजबूती दी गई है, वहीं आदिवासी के अधिकारों भी कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है। यादव ने विपक्ष को गरीब कल्याण विषय पर गंभीर होने की नसीहत भी दी।

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गौरतलब है कि बिल पर चर्चा के दौरान जयराम समेत विपक्ष के कई नेताओं ने केंद्र सरकार पर राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश ने कहा था कि बिना किसी उद्देश्य के बंदी जीवित हाथियों के लिए बिल में किए गए प्रावधान का व्यापक दुरुपयोग हो सकता है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि इस बिल में आदिवासियों के अधिकारों को जहां कानूनी संरक्षण दिया गया है, वहीं राज्यों के अधिकार में बढ़ोत्तरी की गई है।

उन्होंने कहा कि गवर्नेंस का अर्थ सबका कल्याण और खासतौर पर गरीबों का कल्याण होता है। ऐसे में विपक्ष के नेताओं को गैरजरूरी विरोध से परे जा कर गरीब कल्याण के मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाना चाहिए।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जताई आपत्ति

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को वन्य जीव (संशोधन) विधेयक को 'अवांछनीय विधेयक' करार दिया था। जयराम रमेश मे ट्वीट कर लिखा कि राज्यसभा में आज वन्य जीवन (संशोधन) विधेयक, 2021 पर चर्चा हुई। ये चर्चा तब हुई जब मैं भारत जोड़ो यात्रा में अपनी उपस्थिति के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो सका था। हालांकि मैंने आज सुबह मंत्री के सामने अपनी आपत्तियां दोहराईं थीं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे कोई प्रभाव पड़ा है। अब एक कम-वांछनीय विधेयक कानून बन जाएगा। 

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