तलाक जैसे बेहद संजीदा मसले पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस चल रही है। ऐसे में हाफिजगंज में तलाक का मसला सामने आया है जहां एक शौहर ने अपना अपराध छिपाने के लिए बीवी को तलाक दे दिया। जबकि बीवी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने शौहर को गलत रास्ते पर चलने से रोका था जोकि एक बीवी का फर्ज भी था।
हाफिजगंज कस्बे की रहने वाली शबनम की शादी को 22 साल से ज्यादा हो गए हैं। उसके चार बच्चे हैं। पति आजाद उर्फ मुकेश की गलत हरकतों से शबनम पहले से ही परेशान रहती थी। आए दिन वह चोरी के मामले में पकड़ा जाता था। शबनम हमेशा उसको गलत रास्ते पर चलने से रोकती थी और इसके एवज में उसको मिलते थे लात घूंसे। उसको अपनी पिटाई बर्दाश्त थी पर शौहर का गलत रास्ते पर चलना बर्दाश्त नहीं था।
रविवार को वो हुआ जो उसने शायद शादी के इतने सालों में सोचा भी नहीं होगा। पति पर फिर चोरी का इल्जाम लगा और शबनम हमेशा की तरह शौहर को समझाने लगी। जाहिल शौहर ने उसकी एक बात भी सुनना गवारा नहीं समझा और पहले उसको जमकर लातों घूसों से पीटा और फिर तलाक दे डाला। उसने तीन बार नहीं बल्कि दस बार शबनम को तलाक-तलाक कहा।