2015 में कुपवाड़ा में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए कर्नल संतोष म्हाडिक की पत्नी स्वाति सेना में शामिल हो गई हैं। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेरे पति का पहला प्यार उनकी वर्दी थी, इसलिए मुझे एक दिन तो इसे पहनना ही था।
लेफ्टिनेंट स्वाति ने अपने पति की शहादत के बाद सेना में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जिसके बाद रक्षा मंत्रालय द्वारा इस मामले को मंजूरी दे दी थी। उन्होंने अपने पति के अंतिम संस्कार के वक्त सेना में शामिल होने की बात कही थी। हालांकि सेना में शामिल होने की उम्र से अधिक आयु होने के कारण इसमें बाधा आ रही थी।
His(Col Mahadik) first love was his uniform and his unit, so I just had to wear this: Lt. Swati Mahadik pic.twitter.com/iuxogmmaEF
— ANI (@ANI) September 9, 2017
Swati,wife of Col Santosh Mahadik(who lost his life fighting terrorists in J&K in 2015) commissioned as Army Officer pic.twitter.com/mAXCTwRPe8
— ANI (@ANI) September 9, 2017
जिसे बाद में तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने तत्कालीन सेना प्रमुख दलवीर सिंह से स्वाति को सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) की परीक्षा में आयु सीमा में छूट देने की सिफारिश की थी। बता दें कि एसएसबी का एग्जाम देने की उम्र 27 साल होती है, जबकि स्वाति की उम्र 37 साल थी।