दिग्गज कांग्रेसी और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने यूरोपीय संसद में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा टाले जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसके लिए विदेश मंत्रालय का धन्यवाद भी किया। साथ में उन्होंने इसे लेकर मोदी सरकार पर निशाना भी साधा।
कपिल सिब्बल ने कहा कि मैं विदेश मंत्रालय को इस बात की बधाई देना जाता हूं कि सीएए को लेकर यूरोपीय संसद में जो प्रस्ताव आया था अब उस पर मार्च के आखिर में चर्चा होगी। लेकिन उन्हें ये भी सोचना चाहिए कि वहां ये प्रस्ताव रखा ही क्यों गया।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के दिन हमे ये सोचने की जरूरत है कि हिंदुस्तान किस रास्ते को अपना रहा है गांधी जी के या उनके हत्यारों के।
बता दें कि भारत की आपत्ति के बावजूद यूरोपीय संसद में उसके संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर मतदान को मार्च तक टाल दिया गया है। पहले इस प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को मतदान होने की उम्मीद थी।
यूरोपीय संसद के सदस्यों द्वारा पेश पांच अलग-अलग संकल्पों वाले संयुक्त प्रस्ताव को ब्रुसेल्स में बुधवार को पूर्ण अधिवेशन के अंतिम एजेंडे में बहस के लिए रखा गया। प्रस्ताव में मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के बयान का जिक्र किया गया है, जिसमें सीएए को मौलिक अधिकारों के प्रति भेदभावपूर्ण कहा गया।