केंद्र सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में वीआईपी कल्चर को खत्म करते हुए 1 मई से लाल बत्ती पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि नियम के लागू होने से पहले ही कैबिनेट मीटिंग के तुरंत बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने 1 मई का इंतजार न कर पहले ही गाड़ी से लाल बत्ती को हटा दिया था। उन्हें देख तमाम दिग्गज नेताओं ने अपनी गाड़ियों से भी लाल बत्ती हटा दी। लेकिन कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि वह नियम लागू होने से पहले कार से लाल बत्ती क्यों हटाए।
उन्होंने कहा 'मैं अपनी गाड़ी से लाल बत्ती क्यों हटाऊं जबकि फैसले के मुताबिक 1 मई से लाल बत्ती को हटाना अनिवार्य है।
इससे पहले सरकार के आदेश से अनजान सिद्धारमैया अपने सहयोगियों से लाल बत्ती के हटने पर सवाल खड़े किए थे। इकॉनामिक टाइम्स की एक वीडियो में वह अपने सहयोगियों से यह कहते नजर आए थे कि उनकी गाड़ी से लाल बत्ती क्यों हटाई गई।
बता दें कि उच्च गणमान्य व्यक्तियों को ही इस नियम से छूट दी गई है जिनमें प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और लोकसभा स्पीकर लाल बत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं।