यह बड़ा अटपटा और खोखली गंभीरता जैसा है कि संसद भवन में कोई सांसद किसी को आंख मार दे। यह तब और अटपटा है जब कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी को आंख मार दे। लेकिन यह उससे भी ज्यादा अटपटा है कि वह आंख मार दे और वह फुटेज उसी गर्मजोशी के साथ बाहर आ जाए, चलने लगे। आइए आपको बताते हैं कि राहुल गांधी ने सदन में आंख क्यों मारी, किसको मारी, किसलिए आंख मारी?
राहुल गांधी के एक करीबी ने उनसे यह सवाल पूछा। सूत्र का कहना है कि राहुल गांधी भाजपा और आरएसएस द्वारा बनाई गई अपनी पप्पू की छवि का जवाब देना चाहते थे। इसलिए राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव में बोलने के लिए अपनी स्क्रिप्ट तैयार की।
उन्होंने मोदी सरकार के चार साल के कामकाज से जुड़े सवाल इसमें पूछने शुरू किए। राहुल गांधी सवाल पूछ रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी जी की आंख में उन्हें गुस्सा भी दिखाई पड़ रहा था। इसलिए राहुल गांधी ने अपना सवाल पूछने के बाद प्रेम भाव का संदेश देने के लिए प्रधानमंत्री से गले मिलने का मन बनाया।
वह ऐसा काफी पहले से भी सोच रहे थे। राहुल गांधी ने बताया कि वह भाषण खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री के पास गए, गले मिले और लौट आए। जब राहुल गांधी अपनी सीट पर लौटे तो सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मजाकिया लहजे में कहा पप्पू बना दिया।
यह सुनते ही अपने सवालों पर तिलमिलाए सत्ता पक्ष का रुख देखकर राहुल गांधी ने आंख मार दी। राहुल गांधी ने यह आंख प्रिय मित्र और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ इशारे में हुए संवाद के लिए मारी थी, लेकिन फुटेज वायरल हो गया।
प्रधानमंत्री कह दें तो बता देंगे
कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेता जानना चाहते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष जब गले मिलकर प्रधानमंत्री मोदी से लौट रहे थे तो प्रधानमंत्री ने वापस बुलाकर, हाथ मिलाकर उनसे क्या कहा?
यह सवाल कांग्रेस के भीतर बाहुबली फिल्म के उस सवाल की तरह है कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? राहुल गांधी ने यह बात अभी किसी को नहीं बताई। महिला पत्रकारों को भी नहीं और साथ के सांसदों को भी नहीं।
सूत्र बताते हैं कि वह सबसे कहते हैं, यह दो लोगों के बीच की बात है। वह नहीं बताएंगे। अपने एक करीबी से उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री के साथ हुई बात को चाहते हैं कि खुद प्रधानमंत्री बताएं।
कांग्रेस अध्यक्ष उन्हें इसे सार्वजनिक करने का अवसर दे रहे हैं। सूत्र का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के बताने के बाद राहुल गांधी इसे लोगों को बता देंगे। अभी वह इसे राज रखने के ही पक्ष में हैं।