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तमिलनाडु की जेलों से क्यों फरार हुए कैदी?: 36 घंटों में ही पकड़े गए, कैदियों ने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए?

Mon, 02 Nov 2026 06:27 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी मदद से सत्ता में आने और अब भी उसी के सहारे प्रधानमंत्री बने रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने खुली बहस की चुनौती भी दी। राहुल ने प्रधानमंत्री के उस बयान से जुड़ी तस्वीरें साझा कीं, जिसमें देश को बांटने वाली ताकतों और सोशल मीडिया पर अफवाहों का जिक्र है। आखिर इन तस्वीरों के जरिए राहुल क्या संदेश देना चाहते हैं? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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कैदियों के फरार होने के बाद 11 पेट्रोल पंप बंद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तमिलनाडु में अलग-अलग जेलों से कैदियों के फरार होने की घटनाओं ने जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने कैदियों की ओर से संचालित 11 पेट्रोल पंपों को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस बीच थेनी जेल से फरार होने के बाद पकड़े गए एक कैदी का वीडियो सामने आया है। इसमें उसने जेल के अंदर यातना देने और खराब खाना मिलने का आरोप लगाया है। कैदी का दावा है कि जेल में खराब हालात के कारण ही कैदियों ने भागने का फैसला किया था। विपक्षी दलों की आलोचना के बाद सरकार ने जेलों की निगरानी बढ़ा दी है और घटनाओं की जांच के लिए समिति गठित की है।
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तमिलनाडु में चेन्नई की पुजल सेंट्रल जेल से दो, थेनी की जिला जेल से 17 और कोयंबटूर की जेल से एक कैदी फरार हुआ था। पुलिस ने चेन्नई और थेनी से फरार सभी कैदियों को पकड़ लिया है, जबकि कोयंबटूर से भागे एक कैदी की तलाश जारी है। इसी बीच थेनी जेल से पकड़े गए कैदी मीनाक्षीसुंदरम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद जेल प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कैदियों के पेट्रोल पंपों के साथ जेलों में चलने वाले बाजारों को भी बंद कर दिया है।

किन घटनाओं के बाद बंद किए गए कैदियों के 11 पेट्रोल पंप?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु में कैदियों की ओर से संचालित 11 पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं। इनका संचालन प्रशिक्षित कैदी भारतीय तेल निगम लिमिटेड (आईओसीएल) के साथ मिलकर चौबीसों घंटे करते थे। पुजल, कोयंबटूर और मदुरै की सेंट्रल जेलों में दो-दो पेट्रोल पंप बंद किए गए हैं। इसके अलावा वेल्लोर, सेलम, तिरुचिरापल्ली और पलायमकोट्टई की सेंट्रल जेलों के पास एक-एक पेट्रोल पंप बंद किया गया है। तिरुचिरापल्ली की महिला विशेष जेल और पुदुकोट्टई जिला जेल के पास स्थित पेट्रोल पंप भी इनमें शामिल हैं। पुजल सेंट्रल जेल के पास अंबत्तूर रोड पर चलने वाले दो पेट्रोल पंप भी बंद किए गए हैं। सरकार ने जेलों में कैदियों की ओर से संचालित बाजारों को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
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थेनी जेल से फरार कैदी मीनाक्षीसुंदरम ने क्या आरोप लगाए?
थेनी जिले में अंडिपट्टी के पास थेक्कमपट्टी स्थित जिला जेल से 26 अक्तूबर को 17 कैदी फरार हो गए थे। आरोप है कि उन्होंने भागने से पहले जेल के सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था। पुलिस ने करीब 36 घंटे के भीतर सभी कैदियों को पकड़ लिया। इनमें मदुरै का रहने वाला मीनाक्षीसुंदरम और उसका भाई तिरुपति भी शामिल थे। गिरफ्तारी अभियान के दौरान पुलिस की ओर से दोनों पर गोली चलाए जाने की बात सामने आई। अब मीनाक्षीसुंदरम ने वीडियो में आरोप लगाया है कि जेल के अंदर कैदियों को बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था और उन्हें खराब गुणवत्ता का खाना दिया जाता था। उसने कहा कि जेल अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उसने जेल से भागकर सीधे अदालत में आत्मसमर्पण करने की योजना बनाई थी।

पुलिस पर मुठभेड़ में हत्या की साजिश का आरोप क्यों लगाया?
मीनाक्षीसुंदरम ने वीडियो में आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मारने की साजिश रची थी। उसने यह भी दावा किया कि उसके भाई तिरुपति का जेल से फरार होने की घटना से कोई संबंध नहीं था। कैदी ने मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उसने कहा कि वह अपनी गर्भवती पत्नी के साथ सुधरी हुई जिंदगी जीना चाहता है। वीडियो में मीनाक्षीसुंदरम ने यह भी दावा किया कि जेल से कुल 21 कैदी फरार हुए थे, जबकि आधिकारिक आंकड़ा 17 बताया गया है। इस दावे ने मामले को और विवादित बना दिया है। हालांकि, यातना और मुठभेड़ की साजिश से जुड़े उसके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

जेलों की सुरक्षा के साथ पेट्रोल पंपों से होने वाली कमाई पर क्या असर पड़ेगा?
कैदियों के फरार होने की घटनाओं के बाद विपक्षी दलों ने जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने जेलों में निगरानी बढ़ाने और फरार होने की घटनाओं के साथ जेलों के अंदर की परिस्थितियों की जांच के लिए एक समिति बनाई है। कैदियों की ओर से संचालित पेट्रोल पंपों से राज्य सरकार को अच्छी कमाई भी होती थी। वर्ष 2019 से मार्च 2026 के बीच इन पेट्रोल पंपों से सरकारी खजाने को करीब 55 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। फिलहाल सुरक्षा कारणों से 11 पेट्रोल पंप और जेलों के बाजार बंद कर दिए गए हैं। अब जांच समिति जेलों की सुरक्षा में हुई चूक और कैदियों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल करेगी।
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