हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के पुत्र पर जानलेवा हमला करने तथा एक युवक की हत्या कर देने के मामले में प्रदेश सरकार से विवेचना की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने पूछा है कि विधायक और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है। इस मामले में पुलिस पर जांच में लीपा पोती और विधायक को बचाने का आरोप है।
घटना में मारे गए युवक पुष्पेंद्र के पिता रामहरि शर्मा ने इस मामले में याचिका दाखिल की है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ कर रही है। याची का कहना है कि आठ फरवरी को पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के पुत्र चिरागवीर उपाध्याय हाथरस में चुनाव प्रचार कर रहे थे। तभी 20-25 लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
घटना में पुष्पेंद्र की मौत हो गई। पांच लोग घायल हुए। याची ने सादाबाद विधायक देवेंद्र अग्रवाल सहित 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस जांच में 15 लोगों के नाम सामने आए। याची का कहना है कि पुलिस इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। घटना की जांच अलीगढ़ क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है।
सरकारी वकील का कहना था कि इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जांच चल रही है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि विवेचना की मौजूदा स्थिति क्या है। अभी तक अभियुक्तों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। याचिका पर अगली सुनवाई आठ मार्च को होगी।