रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर भारत की नीति बदलने की वकालत की है। उन्होंने हैरानी जताई कि हम अभी तक ‘परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं’ करने की नीति से ही बंधे हुए हैं जबकि इसके बजाय हम यह कह सकते हैं कि ‘हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और इसका गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल नहीं करेंगे।’
एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए परिकर यह तक बोल गए कि 'अगर जरूरत पड़ी तो पहले हमला न करने की इस नीति को वह बदलने में देर भी नहीं लगाएंगे।' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी निजी राय है।
एक सवाल के जवाब में अनिश्चित युद्ध नीति के विश्लेषण के दौरान उन्होंने कहा कि 'मैं (भारत) खुद को क्यों बांध लूं। भारत को यह कहना चाहिए कि हम जिम्मेदार एटमी ताकत हैं और गैर-जिम्मेदार तरीके से एटमी हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे। लेकिन यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।' उन्होंने कहा 'अगर देश पर कोई खतरा होता है तो मैं पहले किताब खोलकर नियम नहीं पढूंगा।'