पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी को अचानक पद से हटा दिया गया। हालांकि, उपराज्यपाल के रूप में कामकाज को लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की काफी शिकायतें थीं। दरअसल, मुख्यमंत्री नारायणसामी ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपना दु:ख दर्द रखा था। पुडुचेरी मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान प्रधानमंत्री से ऑनलाइन चर्चा के दौरान भी नारायणसामी ने अपना दुखड़ा रोया था। इतना ही नहीं, संसद भवन में पुडुचेरी की उपराज्यपाल के कामकाज को लेकर कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी चिंता जता दी थी, लेकिन किरण बेदी को पद से हटाने का फैसला मंगलवार 16 फरवरी को लिया गया।
इस बारे में उपराज्यपाल किरण बेदी का पक्ष जानने के लिए उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। हालांकि पूर्व उपराज्यपाल ने बुधवार को पद से हटाए जाने के बाद ट्वीट किया। इसमें उन्होंने राज्य के लोगों और सरकारी अधिकारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने उपराज्यपाल के तौर पर कामकाज के अनुभव के लिए भारत सरकार का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने राजनिवास में काम करने वालों लोगों का आभार व्यक्त किया और पुडुचेरी के उज्जवल भविष्य की कामना की।
किरण बेदी के हटने से कांग्रेस खुश
मुख्यमंत्री नारायणसामी और कांग्रेस पार्टी उपराज्यपाल पर पुडुचेरी में समानांतर सरकार चलाने का आरोप लगाती आई है। कांग्रेस पार्टी के तमिलनाडु से नेता एसवी रमणी कहते हैं कि राज्य में कांग्रेस में टूट के पीछे भी भाजपा का हाथ था। भाजपा तोड़-फोड़ की राजनीति में ही भरोसा करती है। पुुडुचेरी कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि किरण बेदी को हटाने की खबर आने के बाद युवक कांग्रेस समेत पार्टी के तमाम नेताओं ने पटाखे फोड़े और खुशी जाहिर की।
भाजपा नेताओं ने कही यह बात
भाजपा नेता किरण बेदी को पद मुक्त किए जाने को सही ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में किरण बेदी उपराज्यपाल बनी रहतीं तो कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री नारायणसामी को सहानुभूति का लाभ मिल जाता। ऐसे में किरण बेदी के उपराज्यपाल रहते केंद्र शासित राज्य में चुनाव कराना ठीक नहीं था। इसके अलावा किरण बेदी को पद से हटाने के बाद राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टियों को भी साधने में सहूलियत रहेगी।
किरण बेदी ने पूरा किया मिशन भाजपा?
कांग्रेस के नेता कहते हैं कि उपराज्यपाल रहते हुए किरण बेदी ने भाजपा के मिशन को पूरा किया। राज्य में मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सरकार के साथ लगातार टकराव बना रहा। पुडुचेरी के कांग्रेस सूत्र कहते हैं कि राजनिवास से समानांतर सरकार चल रही थी। वहीं, भाजपा के नेता किरण बेदी के कामकाज को बहुत संतोषजनक बताते हैं। हालांकि, अच्छे काम के बाद भी किरण बेदी को पद से हटाने के बारे में खुलकर कुछ नहीं कहते। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राज्य में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत है और चुनाव बाद वहां भाजपा की सरकार शपथ लेगी। बंगलूरू के एक भाजपा नेता का कहना है कि चुनाव से पहले पुडुचेरी कांग्रेस के अभी कई बड़े नेता और विधायक भाजपा ज्वाइन करने वाले हैं। कुल मिलाकर राजनीतिक संदेश यही है कि किरण बेदी पर ठीकरा फोड़कर भाजपा ने पुडुचेरी में गंगा नहा ली है।
क्या सरकार बचा ले जाएंगे नारायणसामी?
क्या मुख्यमंत्री नारायण सामी अपनी सरकार बचा पाएंगे? इस सवाल पर मुख्यमंत्री नारायण सामी का कहना है कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। कांग्रेस के नेता भी कहते हैं कि डीएमके और निर्दलीय विधायकों के सहयोग से नारायण सामी सरकार बचा ले जाएंगे। कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री का प्रयास है कि केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव नारायण सामी के पद पर रहते ही हों। वहीं, भाजपा ने पूरा जोर राष्ट्रपति शासन में चुनाव करने पर लगाया है। पार्टी के नेता विधानसभा में नारायण सामी की सरकार को फ्लोर टेस्ट में मात देने की रणनीति बना रहे हैं। नारायण सामी के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। देखना है अगले कुछ दिनों में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है।