ज्योतिरादित्य सिंधिया- केंद्रीय दूरसंचार मंत्री
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरजरूरी सरकारी खर्चों में कटौती और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील का असर अब केंद्र से लेकर राज्यों तक दिखाई देने लगा है। कई राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री सरकारी खर्चों और अनावश्यक संसाधनों के उपयोग को कम करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
इसी कड़ी में केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अहम फैसला लिया है। सिंधिया ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने आधिकारिक दौरों के दौरान साथ जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और वाहनों की संख्या को सीमित करने का निर्णय लिया है। सिंधिया का मानना है कि सरकारी व्यवस्था में सादगी, ईंधन की बचत और संसाधनों का संतुलित उपयोग समय की जरूरत है। यही वजह है कि उन्होंने अपने काफिले और सरकारी मूवमेंट को भी सीमित रखने पर जोर दिया है।
हालांकि, सादगी भरा यह अंदाज सिंधिया के लिए नया नहीं माना जाता। वे पिछले कई वर्षों से सीमित वाहनों के साथ यात्रा करते आ रहे हैं। दिल्ली में भी अक्सर वे सिर्फ एक ही गाड़ी में सफर करते नजर आते हैं। उनके इस तरीके को प्रशासनिक अनुशासन और व्यावहारिक कार्यशैली से जोड़कर देखा जाता है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया 14 से 16 मई तक सिक्किम के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह सिक्किम राज्य स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे। गंगटोक में सिंधिया, उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। दौरे के दौरान वह नामची, रावांगला और गंगटोक में विकास, पर्यटन, शिक्षा और कृषि से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।