ट्रेन से लाखों लोग रोजाना सफर करते हैं, इसलिए यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे आए दिन कई अहम कदम उठाता है। इसलिए रेलवे ने ट्रेनों में यात्रा करने वाले मुसाफिरों की सुविधा के लिए कई नियम बनाए है। इन्हीं नियमों को ध्यान रखकर ही यात्रियों को ट्रेनों में सुबह की चाय-नाश्ता, दिन और रात का खाना मुहैया करवाया जाता है। अगर आप भी अक्सर ट्रेन से यात्रा करते हैं तो इन नियमों के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है।
दरअसल, भारतीय रेलवे में सफर के दौरान यात्रियों को इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) खाना मुहैया करवाती है। टिकट बुकिंग के दौरान ही यात्री irctc.co.in की साइट पर वेज-नॉनवेज खाना बुक कर सकता है। आईआरसीटीसी के सीपीआरओ अनिल गुप्ता ने अमर उजाला से बातचीत में कहा,ट्रेन के सफर के दौरान खाना बुक करते समय यात्रियों को रेलवे के नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि रेलवे ने सुबह की चाय-नाश्ता, दिन और रात के खाना उपलब्ध करवाने को लेकर नियम और समय तय कर रखा है।
गुप्ता के मुताबिक, राजधानी,शताब्दी, दुरंतो समेत प्रीमियम ट्रेनों में चाय नाश्ते से लेकर रात के खाने तक का समय निर्धारित किया गया है। इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक सुबह की चाय की दी जाती है। जबकि सुबह 8 बजे से 9.30 तक सुबह का नाश्ता दिया जाता है। दोपहर में 1 से 3 के बीच यात्रियों को दोपहर का खाना उपलब्ध करवाया जाता है। दोपहर को 4.30 बजे से 7.30 बजे तक शाम की चाय दी जाती है। शाम 7.30 बजे से रात 9.30 बजे तक रात का खाना दिया जाता है। हालांकि चुनिंदा ट्रेन इस नियम का अपवाद भी है। रात 9.30 बजे तक खाना इसलिए दिया जाता है कि ताकि 10 बजे बाद कोई भी बाहरी व्यक्ति कोच में प्रवेश न करे। इससे यात्रियों का सुरक्षा चक्र प्रभावित होता है।
अगर खाना बुक नहीं किया तो ये भी है विकल्प
अगर किसी यात्री ने ट्रेन टिकट बुक करते समय अगर खाना की बुकिंग की नहीं है तो उसे परेशान होने की जरुरत नहीं है। वह ट्रेन में सफर के दौरान भी अपने खाने की बुकिंग कर सकता है। यात्री रेलवे की
ecatering.irctc.co.in साइट की मदद से या आईआरसीटीसी के व्हाट्सएप नंबर पर अपना दोपहर और रात का खाना बुक कर सकता है। लेकिन इसमें भी यात्री को रात 10 बजे बाद खाना उपलब्ध नहीं करवाया जाएगा।
इसमें भी यात्री को खाना बुकिंग करने के लिए सबसे पहले
ecatering.irctc.co.in साइट पर जाना होगा। यात्री को यहां अपना नाम और पीएनआर नंबर भरना पड़ेगा। ड्रॉप मीन्यू में उसे रेलवे स्टेशन की सूची में अपना स्टेशन बताना होगा। इसके बाद मेन्यू और खाने के दाम सामने आएंगे। यहां से यात्री अपना खाना बुक कर सकेंगे। पेमेंट होने के बाद यात्री का आर्डर कन्फर्म होगा। जिसे सफर के दौरान यात्री को मुहैया करवाया जाएंगा।
वहीं, यात्री ट्रेन के पेंट्रीकार का खाना नहीं खाना चाहते हैं तो आईआरसीटीसी के वेबसाइट पर जाकर अपनी सीट पर ही टेस्टी और हाइजीनिक खाना भी मंगवा सकते हैं। क्योंकि स्विग्गी, जोमैटो समेत और भी कुछ फूड डिलीवरी कंपनियां आईआरसीटीसी के साथ मिलकर यात्रियों को ऑनलाइन खाना पहुंचाने का काम कर रही हैं। अगर यात्री अनाधिकृत वेबसाइट्स या फिर अन्य ऐप से खाना मंगवाते है तो उसकी क्वालिटी, सही मात्रा और डिलीवरी को लेकर रेलवे की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है। इसके अलावा यात्री स्टेशनों पर मौजूद अधिकृत वेंडर से भी फूड ले सकते है।
यात्रियों को भी रखना होगा इन बातों का ध्यान
- खाना बुकिंग करने के लिए ट्रेन का कंफर्म टिकट टिकट होना चाहिए।
- बुकिंग करते वक्त सही पीएनआर नंबर दर्ज करें।
- बुकिंग करते वक्त पेमेंट या कैश ऑन डिलीवरी दोनों में से किसी भी एक विकल्प का चुनाव कर सकते हैं।
- आईआरसीटीसी यात्रियों को खाने की सुविधा सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक ही देता है।
- अगर ऑर्डर करने के बाद भी पूरा खाना या खाना नहीं मिलती तो आपको पैसे पूरे रिफंड मिल सकते है।
- यात्री खाने की गुणवत्ता या मात्रा को लेकर संतुष्ट नहीं है तो यात्री भारतीय रेलवे के टोल फ्री नंबर 139 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कर सकते है।
- फोन के जरिए भी कर सकते हैं खाना ऑर्डर
अगर यात्री टेक्नो फ्रेंडली नहीं हैं या फिर किन्हीं कारणों से सफर पर ऑनलाइन खाना नहीं मंगा सकते है तो वे 1323 पर (तय नियम और शर्तों के अनुसार) कॉल कर खाना मंगवा सकते है। इसकी जरिए यात्री अपना ऑर्डर भी कैंसिल कर सकेंगे। लेकिन यह काम प्रस्तावित डिलीवरी से दो घंटे से पहले होना चाहिए। वहीं, उसका रिफंड आने में तीन-चार दिन लगेंगे।
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