भारत और बांग्लादेश के बीच शनिवार को रक्षा और असैन्य परमाणु सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में 22 समझौते हुए। हालांकि लंबे समय से अटके तीस्ता जल विवाद पर समझौता नहीं हो पाया लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके शीघ्र निपटारे का आश्वासन दिया।
जिसके बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को तीस्ता के अलावा अन्य नदियों पर फोकस करना चाहिए। तीस्ता में पानी बहुत कम रह गया है। ममता ने केंद्र के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है।
उनका कहना है कि "तीस्ता ही क्यों, अन्य नदियों से भी पानी प्राप्त किया जा सकता है। सरकार को तीस्ता के अलावा अन्य नदियों पर फोकस करना चाहिए।" वर्ष 2011 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बंगलादेश की यात्रा पर गए थे तब यह समझौता हुआ था कि दोनों देश (भारत-बांग्लादेश) तीस्ता जल का बराबरबराबर इस्तेमाल करेंगे लेकिन तब भी ममता बनर्जी ने यह तर्क देते हुए विरोध किया था कि इस से सूखे के मौसम में पश्चिम बंगाल के किसान तबाह हो जाएंगे। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ममता से जुड़े करीबी सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी अन्य नदियों से पानी प्राप्त करने के सुझाव को बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के समक्ष भी रखेंगी।