Maharashtra: शिवेसना (उद्धव ठाकरे गुट) नेता संजय राउत ने डीजीसीए पर लापरवाही का आरोप लगाया और सवाल किया कि बारामती हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन की अनुमति क्यों दी गई, जब यह पूरी तरह तैयार नहीं था। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे पर न तो राडार था और न ही एटीसी और न ही पर्याप्त कर्मचारी थे। पढ़ें रिपोर्ट-
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में मौत के मामले पर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को निशाने पर लिया। राउत ने पूछा कि जब बारामती हवाई अड्डा पूरी तरह तैयार नहीं था, तो वहां उड़ान संचालन की अनुमति क्यों दी गई।
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राउत ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पिछले साल अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया के विमान एआई-171 की खौफनाक दुर्घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डीजीसीए हर ऐसे हादसों के बाद जांच का एलान करता है, लेकिन उसका परिणाम हमेशा अज्ञात रहता है।
विमानन मंत्रालय ने क्या कहा?
विमान हादसे में अजित पवार और चार अन्य की मौत के बाद विमानन मंत्रालय ने एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया, बारामती में एक अनियंत्रित हवाई क्षेत्र है। यानी वहां कोई समर्पित एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) नहीं है और हवाई यातायाता की जानकारी स्थानीय उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षक या पायलट देते हैं।
अजित पवार निजी विमान में सवार थे। खराब दृश्यता के कारण एक बार गो-अराउंड के बाद विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई। लेकिन आखिर समय में लैंडिंग की मंजूरी मिलने के बाद भी उसने 'रीड-बैक' या पुष्टि नहीं दी और कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई।
संजय राउत ने कहा कि बारामती हवा अड्डे पर न तो राडार था और न ही एटीसी। कोई प्रणाली नहीं थी। केवल हवाई पट्टी थी और इसके लिए डीजीसीए जिम्मेदार है। बारामती हवाई अड्डे पर पर्याप्त कर्मचारी भी नहीं हैं।
उन्होंने पूछा कि ऐसी दुर्घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है? ऐसे हादसों की जांच की जरूरत है। हमने महाराष्ट्र में एक अहम व्यक्ति को खो दिया और डीजीसीए को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के नेता ने कहा कि ऐसे हवाई अड्डों या हवाई पट्टियों को संचालन की अनुमति कैसे दी जा सकती है?