गुरुवार को संसद में राष्ट्रपति के भाषण के छह घंटे बाद ही सूचना आई कि टीडीपी के चार सांसदों ने पाला बदल लिया है। इससे कांग्रेस पार्टी सकते में आ गई। जब यह मालूम हुआ कि इनमें से दो सांसदों के खिलाफ तो सीबीआई और वित्तीय जांच एजेंसियों के मामले चल रहे हैं तो इस बात ने कांग्रेस का डर और ज्यादा बढ़ा दिया।
पार्टी नेता आनंद शर्मा कहते हैं, हमें इस पर कोई हैरानी नहीं है। भाजपा तो पहले से ही ऐसे प्रयास करती आई है। दिक्कत केवल इतनी है कि मोदी सरकार कई चेहरे लगाकर काम कर रही है। संसद में उसका चेहरा कुछ और होता है। उसके बाहर जो चेहरा है, वो गुरुवार को पूरी दुनिया ने देख लिया। सदन में भाजपा न्यू इंडिया की बात करती है तो उसके कुछ ही घंटे बाद टीडीपी के चार सांसदों को अपनी पार्टी ज्वाइन करा देती है।
शर्मा ने कहा, अगर प्रधानमंत्री सही रूप में कुछ करना चाहते हैं, तो वे सबसे पहले दलबदल जैसी राजनीतिक बुराई से किनारा करें। तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकारों पर भाजपा जो निशाना लगा रही है, ऐसे प्रयासों को बंद करना होगा। भाजपा के पास सरकारी तंत्र है, वह इसका दुरुपयोग कर कांग्रेस की सरकारों को अस्थिर करना चाहती है। ऐसे में कोई भी विपक्षी दल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बुलाई गई एक राष्ट्र एक चुनाव की बैठक में क्यों पहुंचेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला कहते हैं कि भाजपा ने अब साबित कर दिया है कि वह सरकार के बल पर अपनी संख्या को कहीं तक भी बढ़ा सकती है। मोदी सरकार को दोबारा सत्ता संभाले अभी चंद दिन ही हुए हैं, लेकिन उसने दूसरे दलों की सरकारों को अस्थिर करने का अपना पुराना खेल शुरू कर दिया है। भाजपा को संविधान से कोई मतलब नहीं है। जो कोई राजनीतिक दल इनकी बात नहीं मानता, ये उनकी सरकार गिराने का प्रयास करने लगते हैं।
रणदीप के मुताबिक, पीएम मोदी ने 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की एक रैली में कहा था कि 40 विधायक उनके संपर्क में हैं। नतीजा, अभी हाल ही में टीएमसी के दो सांसद और कुछ विधायक भाजपा में शामिल हो गए। अरुणाचल प्रदेश में क्या हुआ था, यह किसी से छिपा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में मामला चला गया। मणिपुर में कांग्रेस पार्टी के आठ विधायकों को भाजपा में शामिल करा दिया। स्पीकर ने उन्हें अयोग्य तक नहीं ठहराया। गोवा में भाजपा ने दिन दहाड़े जनमत को नीचा दिखा दिया।
कांग्रेस पार्टी के दो विधायकों को तोड़कर खुद की सरकार बना ली। इसके बाद एमजीपी के तीन में से दो विधायकों को मंत्री बनाकर उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया। इसके बाद कर्नाटक में भाजपा के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा का कथित टेप देश के सामने आ गया। वे 18-20 विधायकों को 10-10 करोड़ देने की बात कह रहे थे तो किसी को मंत्री पद देकर अपनी पार्टी में शामिल करना चाहते थे। तेलंगाना में भी कांग्रेस के 18 में से 12 विधायकों को तोड़ लिया गया। जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में भी संविधान की आत्मा को तार-तार करने के प्रयास किए गए।
रणदीप ने कहा, कांग्रेस संविधान में विश्वास करती है। भाजपा अब कांग्रेस की मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार को गिराना चाह रही है। कांग्रेस के समर्थन वाली कर्नाटक सरकार भी मोदी सरकार के निशाने पर है। कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के ऐसे सभी प्रयासों का विरोध करेगी। इसके लिए अगर सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करना पड़ा तो करेंगे।