गुजरात हाई कोर्ट में एक अजीब-ओ-गरीब मामला सामने आया है। अदालत को फैसला देना है कि चोरी के रुपयों से खरीदी गई कार का मालिक आखिर कौन होगा? दरअसल एक व्यक्ति ने चोरी की। चोरी के रुपयों से उस शख्स ने अपने बेटे को कार गिफ्ट की। जांच के दौरान पुलिस ने चोर को दबोचा और कार जब्त कर ली। अब चोर के बेटे ने गुजरात हाई कोर्ट में केस करके कार पर हक की बात कही है। इस मामले की सुनवाई आगामी 30 जुलाई को गुजरात हाईकोर्ट में होनी है।
यह केस गुजरात के अहमदाबाद का है। यहां रहने वाले शरदचंद्र शाह के घर से 19.5 लाख रुपये कैश और जेवर चोरी हुए थे। कुछ महीनों बाद क्राइम ब्रांच ने सुरेश मकवाना नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके ऊपर कई चोरी की वारदातों का अंजाम देने का आरोप था। उसने पुलिस पूछताछ में शरदचंद्र के यहां चोरी करने की बात भी कबूला। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि उसने चोरी के 11 लाख रुपये से अपने बेटे संजय के लिए कार खरीदी थी। यह कार उसने अपने बेटे को उसकी शादी में गिफ्ट की थी। पुलिस ने संजय को गिफ्ट की गई कार जब्त कर ली।
शरदचंद्र शाह ने मिर्जापुर ग्रामीण की मैजिस्ट्रेट कोर्ट में मामला दायर कर कार का कब्जा मांगा। उन्होंने कहा कि कार उनके घर से चोरी किए गए रुपयों से खरीदी गई है। इस मामले में संजय की तरफ से आपत्ति दर्ज की गई। संजय ने कहा कि कार उसके नाम पर है, कार का मालिक वह है और कार पर उसका ही हक है। 16 मई को कोर्ट मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने कार पर संजय का अधिकार बताया और उसे कार सौंपने का आदेश दिया।
आगामी 30 जुलाई को ही पता चलेगा कि आखिर कार किसकी होगी
शरदचंद्र शाह ने गुजरात हाई कोर्ट में अपील की है कि स्थानीय अदालत का आदेश निरस्त करते हुए कार का कब्जा उसे दिया जाए। जस्टिस आरपी धोरालिया ने इस केस को स्वीकार कर लिया है और केस की सुनवाई के लिए आगामी 30 जुलाई की तारीख दी है।