सवाल यह भी है कि पीयूष गोयल नहीं तो और कौन? मोदी सरकार का पिछला बजट पेश कर चुके गोयल को नजरअंदाज करना पार्टी नेतृत्व के लिए मुश्किल होगा। हालांकि, यह तभी तक है जब कर पार्टी नेतृत्व खुद यह जिम्मेदारी उठाने न आ जाए। दरअसल, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के भी सरकार में आने के आसार हैं। ऐसे में यदि शाह खुद सरकार में आते हैं तो वह क्या जिम्मेदारी उठाएंगे? प्रधानमंत्री के बाद वित्त मंत्री का पद सरकार में बेहद अहम है। इन हालातों में अमित शाह भी वित्त मंत्रालय का ओहदा संभाल सकते हैं।
इन सबके बीच तीसरा नाम निर्मला सीतारमण का है। पिछली सरकार में रक्षा मंत्री रहीं सीतारमण का अगर मंत्रालय बदला जाता है तो उम्मीद है कि उन्हें वित्त मंत्रालय दिया जा सकता है। हालांकि, इसके आसार कम ही लग रहे हैं कि निर्मला सीतारमण का मंत्रालय बदला जाएगा। रक्षा मंत्री के रूप में सीतारमण का कार्यकाल अच्छा रहा है। जनता में निर्मला सीतारमण को लेकर अच्छी राय है। महिला शक्ति की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्रालय संभालकर उन्होंने एक तरह से मिसाल पेश की है।
हालांकि, ये कयासों का दौर है और कयासों का बाजार गर्म भी है। नाम कई सामने आ रहे हैं और सबके साथ अपने-अपने तर्क भी हैं। असल तस्वीर भी जल्द ही सबके सामने आ जाएगी। सात जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति भवन में शपथ लेंगे।