इसके अलावा दिल्ली, आगरा, कानपुर, वाराणसी, मुजफ्फरपुर, गया और श्रीनगर में भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है। ये सभी उन 14 शहरों में शामिल हैं जहां सबसे ज्यादा प्रदूषण है। आईआईटी कानपुर के साइंस एक्सपर्ट प्रोफेसर सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कहा कि हम एक दशक से इस बारे में स्टडी कर रहे हैं और इसमें कुछ भी नया और आश्चर्यचकित करने वाला नहीं है।
वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्त्रोत पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) को माना गया है। जिसमें नाइट्रेट, सल्फेट और काले कार्बन जैसे प्रदूषक शामिल हैं। प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर कानपुर है। फरीदाबाद, वाराणसी, गया, पटना, दिल्ली, लखनऊ, आगरा, मुजफ्फरपुर, श्रीनगर, गुरुग्राम, जयपुर, पटियाला और जोधपुर भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, धरती पर 10 में से 9 लोग सांस के रूप में प्रदूषित हवा लेते हैं, और इससे हर साल 70 लाख लोगों की मौत हो जाती है। हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों के कैंसर से लगभग एक चौथाई मौत की वजह वायु प्रदूषण ही है।