देश में प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों की भर्ती, ट्रेनिंग और ड्यूटी का तरीका, सबकुछ बदलने जा रहा है। प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण केंद्रीय मॉडल नियम 2020 के तहत अब लोगों को खुद की और अपने प्रतिष्ठान की सुरक्षा के लिए चरित्रवान सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए जाएंगे।
सुरक्षा कर्मियों के चरित्र का सत्यापन संबंधित राज्य सरकार करेगी। प्राइवेट सिक्योरिटी के नए मॉडल के अंतर्गत सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी का दायरा बढ़ने जा रहा है। उनकी ड्यूटी में दर्जनों नए काम शामिल होने जा रहे हैं। छह मिनट में एक किलोमीटर दौड़ने वाले से गार्ड लोगों के दस्तावेजों की जांच से लेकर पेट्रोलिंग भी करेंगे।
एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, विस्फोटकों की पहचान, तलाशी और बल प्रयोग जैसी कई अहम जिम्मेदारी उनकी ड्यूटी में शुमार रहेंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इस बाबत बीते दिनों अधिसूचना जारी की गई है।
इस अधिसूचना में सुरक्षा गार्ड रखने वाली कंपनियों को भी नए नियमों का पालन करना होगा। उनके लाइसेंस के नवीनीकरण से लेकर सुरक्षा गार्डों की ट्रेनिंग तक, बहुत से नियमों में बदलाव किया गया है। प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के लिए सात दिन और बीस दिन की ट्रेनिंग का प्रावधान रहेगा।
इसमें सौ घंटे का क्लास पाठ्यक्रम और साठ घंटे की फील्ड ट्रेनिंग शामिल है। यदि कोई भूतपूर्व सैनिक या रिटायर्ड पुलिसकर्मी है तो उसे 40 घंटे की क्लास और 16 घंटे की फील्ड ट्रेनिंग लेनी होगी। इनके लिए कुल 7 दिन का ट्रेनिंग शेड्यूल तय किया गया है।
ट्र्रेनिंग के दौरार वीआईपी सुरक्षा, पेट्रोलिंग, चौकी ड्यूटी, आंतरिक सुरक्षा, दस्तावेजों की जांच, विस्फोटक पदार्थों की पहचान, अन्य विभागों के साथ तालमेल और सूचनाओं का आदान प्रदान यानी आईटी की बेसिक जानकारी दी जाएगी।
गार्ड को अपने राज्य की ओर से जारी चरित्र प्रमाणपत्र पेश करना होगा। अधिसूचना में इस दस्तावेज पर खास जोर दिया गया है। गार्ड को जारी चरित्र प्रमाणपत्र पांच साल के लिए वैद्य रहेगा, भले ही वह बीच में कोई दूसरी कंपनी ज्वाइन कर लेता है।
गार्ड के चरित्र का पता लगाने के लिए सीसीटीएनएस और आईसीजेएस जैसे तकनीकी सिस्टम की मदद ली जाएगी। प्राइवेट गार्ड की भर्ती से पहले उसकी शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित होगी। इसमें बहुत सी योग्यताएं वही रखी गई हैं, जो एक सिपाही के लिए निर्धारित हैं।
ट्रेनिंग में सौ घंटे की क्लास में शारीरिक सुरक्षा, संपत्ति की सुरक्षा, भवन और दूसरे बड़े प्रतिष्ठानों की हिफाजत, कार्मिक व घरेलू सुरक्षा, अग्निशमन, भीड़ नियंत्रण व पहचान पत्रों जैसे पासपोर्ट आदि की जांच करना सिखाया जाएगा।
सुरक्षा गार्ड को अंग्रेजी में इतना पारंगत बनाया जाएगा कि वह शस्त्र लाइसेंस, यात्रा दस्तावेज व सुरक्षा निरीक्षण जैसे कार्य आसानी से कर सके। हथियारों की पहचान और उन्हें उठाकर रखना, यह भी उनकी ट्रेनिंग का हिस्सा रहेगा। आयुध अधिनियम की जानकारी भी दी जाएगी।
पुलिस और सैन्य बलों के रैंक व बैज को पहचानना, इसके लिए अलग से ट्रेनिंग शेड्यूल तैयार किया गया है। ट्रेनिंग संस्थान की साल में दो बार जांच पड़ताल होगी। तलाशी के अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में बल प्रयोग किया जाए, ये भी सुरक्षा गार्ड की ट्रेनिंग में शामिल किया गया है।
पंद्रह सुरक्षा गार्ड पर एक सुपरवाइजर रहेगा। अगर ड्यूटी किसी बड़े परिसर में है और वहां एक ब्लॉक व दूसरे ब्लॉक के बीच दूरी ज्यादा है तो उस स्थिति में छह गार्ड पर एक सुपरवाइजर तैनात किया जाएगा।